बैठक के दौरान शहर में पार्किंग सुविधाओं के सृजन एवं विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। प्रमुख बाजार क्षेत्रों में उपलब्ध स्थानों की पहचान कर नए पार्किंग स्पेस विकसित करने, मौजूदा पार्किंग स्थलों के सुदृढ़ीकरण तथा बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वर्तमान में कार्यरत पार्किंग संवेदकों को पार्कर को ड्रेस कोड सुनिश्चित करने का निदेश दिया गया ।
इसके साथ ही साकची एवं बिष्टुपुर क्षेत्र में नए पार्किंग जोन विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की गई, ताकि व्यस्त बाजार क्षेत्रों में वाहनों के दबाव को कम किया जा सके और यातायात व्यवस्था सुचारु रहे।
बैठक में प्रमुख सड़कों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नो-पार्किंग जोन का स्पष्ट सीमांकन करने के निर्देश दिए गए, जिससे सड़क पर अनावश्यक पार्किंग से होने वाली यातायात बाधाओं को कम किया जा सके।
साथ ही, सड़क किनारे अनियमित वेंडिंग को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से नए वेंडिंग जोन विकसित करने पर भी बल दिया गया, ताकि यातायात प्रभावित न हो और फुटपाथ तथा सड़कों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
उप नगर आयुक्त द्वारा संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया कि जमशेदपुर शहर में उपलब्ध पार्किंग क्षमता एवं शहर में पंजीकृत वाहनों की संख्या का आकलन किया जाए, ताकि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समुचित पार्किंग अवसंरचना विकसित की जा सके। बैठक में ट्रैफिक पुलिस के प्रतिनिधि, टाटा स्टील के प्रतिनिधि, चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स के प्रतिनिधि अग्निशमन विभाग के अधिकारी, विशेष पदाधिकारी, लेखा पदाधिकारी तथा सिटी मैनेजर सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
व्यापारियों और नागरिकों से अपील
बैठक के अंत में उप नगर आयुक्त ने कड़ा संदेश देते हुए व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की कि वे अपने प्रतिष्ठानों के सामने सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण न करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा पाया गया, तो जेएनएसी की प्रवर्तन टीम बिना किसी पूर्व सूचना के जब्ती और दंड की कार्रवाई करेगी।