Ranchi News: राजधानी रांची में बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहे लॉज, हॉस्टल और बैंक्वेट हॉल के खिलाफ नगर निगम ने अब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. शुक्रवार को निगम प्रशासक सुशांत गौरव की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में इन प्रतिष्ठानों की लाइसेंस प्रक्रिया की समीक्षा की गई. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि तय समय सीमा के बाद अवैध रूप से चल रहे संस्थानों को बख्शा नहीं जाएगा.
लाइसेंस आवेदनों की जांच और रिजेक्शन
समीक्षा बैठक के दौरान कुल 10 आवेदनों पर चर्चा की गई, जिसमें से केवल 3 प्रतिष्ठानों को ही शर्तों के साथ औपबंधिक लाइसेंस (Provisional License) जारी किया गया. वहीं, जरूरी मानकों और दस्तावेजों की कमी के कारण 7 आवेदनों को सीधे तौर पर खारिज कर दिया गया. यह कार्रवाई संकेत है कि निगम अब नियमों के पालन को लेकर किसी भी तरह के समझौते के मूड में नहीं है.
सुरक्षा मानकों और भवन प्लान का पालन अनिवार्य
नगर निगम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी धर्मशाला, विवाह भवन या हॉस्टल के संचालन के लिए स्वीकृत भवन प्लान (Building Plan), कमर्शियल होल्डिंग और ट्रेड लाइसेंस होना अनिवार्य है. इसके अलावा सुरक्षा के लिहाज से पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था, अग्निशमन उपकरण (Fire Safety), सीसीटीवी कैमरे और अन्य निर्धारित मानकों का होना जरूरी है. इन शर्तों को पूरा न करने वाले संस्थानों पर ताला भी लग सकता है.
15 मार्च तक आवेदन करने की अंतिम चेतावनी
निगम प्रशासन ने शहर के सभी संचालकों को आखिरी मौका देते हुए अपील की है कि वे 15 मार्च 2026 तक हर हाल में लाइसेंस के लिए आवेदन कर दें. इस समय सीमा के बीतने के बाद नगर निगम एक विशेष अभियान चलाकर बिना लाइसेंस वाले प्रतिष्ठानों को चिह्नित करेगा और उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है.