Jharkhand: हटिया विधानसभा सीट से भाजपा विधायक नवीन जायसवाल की शैक्षणिक डिग्री इन दिनों झारखंड की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई है। वर्ष 1990 में इंटरमीडिएट करने के करीब तीन दशक बाद, साल 2021 में जेएन कॉलेज धुर्वा से नागपुरी विषय में स्नातक करने और उसमें टॉपर होने के दावे ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है।
आपको बताए पूरा मामला
आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, नवीन जायसवाल ने 2021 में नागपुरी भाषा में 8.27 CGPA के साथ प्रथम श्रेणी में स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण की। छात्र नेता विशाल यादव का दावा है कि विधायक अपनी कक्षा में टॉपर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि इसी सत्र में भाजपा नेता आशा लकड़ा ने भी इसी कॉलेज से नागपुरी में स्नातक किया, जिन्हें 7.1 CGPA प्राप्त हुआ।
गायब रजिस्टर ने बढ़ाया संदेह
विवाद तब गहरा गया जब कॉलेज प्रशासन विधायक की कक्षा में उपस्थिति से जुड़ा डेटा देने में विफल रहा। कॉलेज का तर्क है कि तत्कालीन विभागाध्यक्ष के सेवानिवृत्त होने के बाद अटेंडेंस रजिस्टर उपलब्ध नहीं है। इसी लापता रजिस्टर को लेकर अब विरोधी दल सवाल उठा रहे हैं।
विपक्ष का प्रहार और विधायक की सफाई
डिग्री के सामने आने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस ने इसे आड़े हाथों लिया है, JMM प्रवक्ता मनोज पांडेय ने तंज कसते हुए कहा, इतने मेधावी विधायक को अब यूपीएससी की परीक्षा भी क्रैक करनी चाहिए।कांग्रेस नेता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने चुटकी लेते हुए कहा कि 8 से अधिक CGPA लाने वाले जायसवाल के ज्ञान का लाभ राज्य के छात्रों को मिलना चाहिए।
दूसरी ओर, नवीन जायसवाल ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि "पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती।" उन्होंने तर्क दिया कि वे दक्षिणी छोटानागपुर के निवासी हैं और क्षेत्रीय भाषा नागपुरी का ज्ञान होना गर्व की बात है। उन्होंने विरोधियों को चुनौती देते हुए कहा कि यदि किसी को आपत्ति है, तो वे इसकी जांच करा सकते है।