Middle East War: अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छिड़ा भीषण युद्ध अब अपने चौथे दिन में प्रवेश कर गया है. मंगलवार (3 मार्च) को युद्ध की ज्वाला ईरान की सीमाओं से बाहर निकलकर पड़ोसी देशों तक फैलती दिखी. ताजा घटनाक्रम में सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास पर दो आत्मघाती ड्रोन से हमला किया गया है. अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, ड्रोन दूतावास की छत और परिसर की दीवार से टकराए, जिसके बाद वहां भीषण आग लग गई और जोरदार धमाके सुने गए. मिडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दूतावास पर हमले के ठीक बाद रियाद के डिप्लोमैटिक क्वार्टर में दो और रहस्यमयी धमाके हुए हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है.
खाड़ी देशों में अमेरिकी नागरिकों के लिए “शेल्टर इन प्लेस” अलर्ट
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने दूतावास पर हुए हमले की पुष्टि करते हुए इसे “सीमित आग” करार दिया है, जिसमें मामूली नुकसान की बात कही गई है. हालांकि, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी दूतावास ने जेद्दा, रियाद और जहरान में मौजूद अपने नागरिकों के लिए “शेल्टर इन प्लेस” (जहां हैं वहीं रहें) का अलर्ट जारी किया है. अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा खतरों को देखते हुए उपलब्ध कमर्शियल साधनों का उपयोग कर तुरंत इन देशों से बाहर निकल जाएं.
ईरान का पलटवार: दुबई और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उनकी नौसेना ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइलों से बड़ा हमला किया है. इसके साथ ही ईरान ने कुवैत में स्थित अमेरिकी “आरिफजान बेस” पर भी ड्रोन स्ट्राइक करने का दावा किया है. ईरान की इन कार्रवाइयों ने साफ कर दिया है कि वह इस युद्ध को पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैलाने की रणनीति पर काम कर रहा है.
तेहरान में भारी बमबारी, ट्रंप ने दी चार हफ्ते की चेतावनी
इधर, अमेरिकी और इजराइली वायुसेना ने ईरान की राजधानी तेहरान पर बमबारी तेज कर दी है. आधी रात से ही तेहरान धमाकों की आवाजों से दहल उठा है. अमेरिकी हमलों में ईरान के “स्टेट टेलीविजन कॉम्प्लेक्स” और “एक्सपीडिएंसी काउंसिल” की इमारतों को निशाना बनाने की खबर है. अमेरिकी सेना ने स्वीकार किया है कि इस युद्ध में अब तक उसके 6 सैनिक मारे गए हैं. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ यह सैन्य अभियान लगभग चार सप्ताह तक चल सकता है. उन्होंने संकल्प दोहराया कि वाशिंगटन, तेहरान की मिसाइल और परमाणु क्षमताओं को पूरी तरह नष्ट करने के लिए प्रतिबद्ध है.