Ranchi: झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्य के कई नक्सल प्रभावित जिलों के पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि एसआरई (सिक्योरिटी रिलेटेड एक्सपेंडिचर) योजना के तहत प्राप्त राशि का उपयोग हर हाल में मार्च 2026 तक सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी मद में अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता हो, तो संबंधित जिले को सात दिनों के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन भेजना होगा, ताकि समय रहते निर्णय लिया जा सके।
इन जिलों को भेजा गया निर्देश
यह पत्र चाईबासा, लातेहार, गढ़वा, लोहरदगा, खूंटी, सरायकेला, चतरा, गिरिडीह और बोकारो जिलों के पुलिस अधीक्षकों को भेजा गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में विभिन्न मदों में जो राशि आवंटित की गई है, उसका पूरा उपयोग निर्धारित समय सीमा के भीतर करना अनिवार्य बताया गया है।
पहले भी मांगी जा चुकी है प्रगति रिपोर्ट
पुलिस मुख्यालय ने 20 जनवरी 2026 को भी एक पत्र जारी कर जिलों से एसआरई योजना की अद्यतन स्थिति की जानकारी मांगी थी। जिलों द्वारा अपनी-अपनी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जा चुकी है।
समय पर खर्च नहीं होने पर योजना पर पड़ सकता है असर
जारी निर्देश में कहा गया है कि यदि निर्धारित समय तक राशि का उपयोग नहीं किया गया, तो भविष्य की स्वीकृतियों और योजनाओं पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सभी पुलिस अधीक्षकों को निगरानी रखते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि हर मद में राशि समय पर खर्च हो।
सुरक्षा सुदृढ़ीकरण के लिए अहम है एसआरई योजना
एसआरई योजना केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और पुलिस अभियानों को प्रभावी बनाना है। इस योजना के तहत प्राप्त फंड का उपयोग सुरक्षा संसाधनों, अभियान संचालन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर किया जाता है।
मुख्यालय की ओर से उम्मीद जताई गई है कि सभी जिले समयबद्ध तरीके से फंड का उपयोग कर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाएंगे।