Koderma News: कोडरमा जिले के डोमचांच थाना क्षेत्र अंतर्गत काराखुट में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां बंद पड़े एक पत्थर खदान के गहरे पानी में डूबने से 50 वर्षीय महिला की मौत हो गई. मृतका की पहचान विजय सिंह की पत्नी संगीता देवी के रूप में की गई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार की सुबह संगीता देवी रोजाना की तरह घर के कपड़े धोने के लिए पास में ही स्थित बंद पड़े पत्थर खदान पर गई हुई थीं, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह उनका आखिरी सफर साबित होगा.
लापता होने पर परिजनों ने शुरू की तलाश
काफी समय बीत जाने के बाद भी जब संगीता देवी वापस घर नहीं लौटीं, तो परिजनों को चिंता होने लगी. उनकी छोटी पुत्री उन्हें ढूंढते हुए उक्त खदान के पास पहुंची. वहां का नजारा देखकर वह दंग रह गई क्योंकि जिस जगह उसकी मां कपड़ा धो रही थी, वहां कपड़े तो पड़े हुए थे लेकिन मां का कहीं अता-पता नहीं था. घबराई हुई बेटी ने तुरंत घर पहुंचकर अपने पिता और अन्य ग्रामीणों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग खदान के पास एकत्र हुए और खोजबीन शुरू की गई.
पैर फिसलने से गहरे पानी में गिरने की आशंका
परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों ने आशंका जताई है कि कपड़ा धोने के दौरान अचानक संगीता देवी का पैर फिसल गया होगा और वह संतुलन खोने के कारण खदान के गहरे पानी में जा गिरी होंगी. स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर शव को बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन खदान की गहराई अधिक होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी. इस घटना के बाद से मृतका के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और गांव में मातम का माहौल व्याप्त है.
प्रशासन ने बुलाई गोताखोर और एनडीआरएफ की टीम
घटना की सूचना मिलते ही डोमचांच थाना प्रभारी अभिमन्यु पड़िहार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की. थाना प्रभारी ने बताया कि उक्त पत्थर खदान काफी समय से बंद पड़ी है और इसकी गहराई लगभग 60 से 70 फीट है, जिस कारण स्थानीय लोगों के लिए शव निकालना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. प्रशासन ने शव की बरामदगी के लिए चौपारण से गोताखोरों की टीम को बुलाया है और साथ ही एनडीआरएफ को भी सूचित किया गया है ताकि जल्द से जल्द शव को बाहर निकाला जा सके.
मौत का कुआं साबित हो रही हैं बंद पड़ी खदानें
कोडरमा जिले में यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि यहां के विभिन्न इलाकों में स्थित बंद पड़ी खदानें अब आम लोगों के जीवन के लिए बड़ा खतरा बन चुकी हैं. इन खदानों में सालों से पानी भरा हुआ है और सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम या घेराबंदी नहीं होने के कारण अक्सर स्थानीय लोग और मवेशी इनका शिकार होते रहते हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी खतरनाक खदानों की घेराबंदी सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में संगीता देवी जैसी किसी अन्य मासूम जान को जोखिम में न पड़ना पड़े.