हवाई सफर, जेब पर पड़ रहा भारी बोझ
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों से रांची के लिए फ्लाइट का किराया सामान्य से ढाई से तीन गुना तक बढ़ गया है।दिल्ली-रांची: जो टिकट सामान्य दिनों में ₹5,000 के आसपास मिलता था, वह अब ₹12,000 से ₹15,000 के पार पहुँच गया है। मुंबई-रांची: इस रूट पर किराया ₹18,000 तक पहुँच गया है, यात्रियों का कहना है कि डायनामिक फेयर के नाम पर हो रही इस लूट से मध्यम वर्ग का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।
रेलवे, वेटिंग लिस्ट से बढ़ी मायूसी
सस्ती यात्रा का सबसे बड़ा साधन रेलवे भी इस समय जवाब दे चुका है। राजधानी, संपर्क क्रांति और हटिया-आनंद विहार जैसी प्रमुख ट्रेनों में स्लीपर और थर्ड एसी में वेटिंग 200 के पार पहुँच चुकी है। कई ट्रेनों में तो नो रूम की स्थिति है, जिससे अब टिकट बुक करना भी संभव नहीं रहा।होली पर घर जाने के लिए दो महीने पहले कोशिश की थी, फिर भी कन्फर्म टिकट नहीं मिला। अब फ्लाइट का किराया इतना ज्यादा है कि महीने भर की सैलरी कम पड़ जाए।
होली स्पेशल ट्रेनों का इंतज़ार
यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायत रेलवे द्वारा पर्याप्त होली स्पेशल ट्रेनों की घोषणा न होना है। हालांकि कुछ स्पेशल ट्रेनों की शुरुआत हुई है, लेकिन मांग के मुकाबले वे ऊँट के मुँह में जीरा समान हैं। नियमित ट्रेनों में बढ़ती भीड़ के कारण बुजुर्गों और बच्चों के साथ सफर करना जोखिम भरा हो गया है।
मजबूरी में निजी वाहनों का सहारा
ट्रेन में जगह न मिलने और महंगे हवाई टिकटों के कारण कई यात्री ग्रुप बनाकर प्राइवेट गाड़ियां या बसें बुक कर रहे हैं। दिल्ली और कोलकाता से लोग निजी गाड़ियों से सफर करने को मजबूर हैं, जिससे उनकी यात्रा न केवल थकाऊ बल्कि असुरक्षित भी हो रही है।