रोशनी से जगमगा उठा शहर
शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, जैसे बिष्टुपुर, साकची और जुबली पार्क को रंग-बिरंगी लाइटों और आकर्षक विद्युत सज्जा से पाट दिया गया है। विशेष रूप से जुबली पार्क का नजारा अद्भुत है, जहाँ लेजर शो और लाइटिंग के जरिए जमशेदजी टाटा के जीवन संघर्ष और उनके औद्योगिक सपनों की यात्रा को जीवंत किया गया है। टाटा स्टील और उसकी सहयोगी कंपनियों के परिसरों को भव्य रूप से सजाया गया है, जो रात के अंधेरे में किसी जन्नत से कम नहीं लग रहे।
विरासत और विजन का संगम
संस्थापक दिवस केवल एक रस्म नहीं, बल्कि इस शहर के लिए एक गौरवशाली पर्व है। इस वर्ष की थीम जमशेदजी टाटा के सपनों का शहर और आधुनिक भारत के निर्माण में उनके योगदान पर केंद्रित है। शहर के मुख्य मार्गों पर बड़े-बड़े होर्डिंग्स और कट-आउट्स लगाए गए हैं, जो जमशेदपुर की औद्योगिक उपलब्धियों और यहाँ की स्वच्छता व हरियाली की कहानी बयां करते हैं।
प्रशासन और सुरक्षा पूरी तरह मुस्तैद
उत्सव के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन और टाटा स्टील यूटिलिटीज़ ने सुरक्षा और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए हैं। विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर शहर के हर कोने को चमकाया गया है।प्रमुख स्थलों पर सीसीटीवी और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। सुगम आवाजाही के लिए कई रूटों में बदलाव किया गया है। जमशेदपुर आज भी उसी अनुशासन और विजन के साथ आगे बढ़ रहा है, जिसकी नींव जमशेदजी टाटा ने रखी थी। यह उत्सव उनकी दूरदर्शिता को एक विनम्र श्रद्धांजलि है।