Jharkhand News: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने सदन में कृषि विभाग की प्राथमिकताओं और उपलब्धियों का ब्यौरा पेश किया. मंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विधायकों की अनुशंसा पर कोल्ड स्टोरेज स्थापित किए जाएंगे. इस कदम का मुख्य उद्देश्य किसानों की उपज को बर्बाद होने से बचाना और उन्हें बाजार में बेहतर मूल्य दिलाना है.
महिला सशक्तिकरण और फसल विविधीकरण पर फोकस
मंत्री ने बताया कि आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में महिला किसान खुशहाली योजना को विशेष प्राथमिकता दी गई है. इसके साथ ही सरकार का ध्यान दलहन और मखाना विकास पर केंद्रित है. कृषि के पारंपरिक तरीकों से हटकर फसल विविधीकरण और वन उपज को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है, ताकि किसानों की आय के स्रोतों में वृद्धि की जा सके.
मत्स्य और दुग्ध उत्पादन में भारी उछाल
सदन को संबोधित करते हुए शिल्पी नेहा तिर्की ने आंकड़ों के जरिए विभाग की सफलता को रेखांकित किया. उन्होंने बताया कि वर्ष 2013 से अब तक मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में निरंतर वृद्धि हुई है और वर्तमान में प्रति वर्ष लगभग तीन लाख मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हो रहा है. इसी तरह, दुग्ध उत्पादन में भी तेजी आई है और राज्य में अब प्रतिदिन तीन लाख लीटर दूध का उत्पादन किया जा रहा है. अंडा उत्पादन को गति देने के लिए झार एग योजना पर काम चल रहा है, वहीं बंद पड़ी बेकन फैक्ट्री को पुनर्जीवित करने के लिए एमओयू भी किया गया है.
लाखों किसानों को मिला बीमा और केसीसी का सुरक्षा कवच
किसानों की आर्थिक सुरक्षा का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि खरीफ फसल के दौरान 13 लाख और रबी सीजन में दो लाख किसानों को फसल बीमा के दायरे में लाया गया है. इसके अलावा, पांच लाख से अधिक किसानों के लिए केसीसी लोन स्वीकृत किए गए हैं. उन्होंने साझा किया कि झारखंड दलहन उत्पादन के मामले में राष्ट्रीय औसत से आगे निकल चुका है और अब सरकार कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन पर जोर दे रही है. मिलेट योजना के तहत भी 21,800 किसानों को लगभग 10 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है.
बजट खर्च और भविष्य की कार्ययोजना
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभाग की वित्तीय स्थिति मजबूत है और मार्च के अंत तक कुल आवंटित राशि का 80 से 90 फीसदी हिस्सा खर्च कर लिया जाएगा. वर्तमान में राज्य योजना मद से 65 फीसदी और केंद्रीय मद से 67 फीसदी राशि खर्च की जा चुकी है. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि देशी मांगुर को राजकीय मछली घोषित किया गया है. वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में सरकार का लक्ष्य आर्थिक असमानता को दूर करना, उत्पादन प्रणाली को मजबूत बनाना और महिला किसानों को सशक्त करना है.