Jamtara News: जामताड़ा जिले के नाला थाना क्षेत्र अंतर्गत पलास्थली से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक बंद पड़ी कोयला खदान में अवैध उत्खनन के दौरान बड़ा हादसा हो गया. खदान की चाल अचानक धंसने से उसके नीचे दबकर लगभग आठ से ज्यादा मजदूरों के फंसे होने की आशंका है. इस घटना के बाद पूरे इलाके में कोहराम मच गया है और स्थानीय प्रशासन राहत कार्य में जुट गया है.
गहराई में खुदाई के दौरान गिरा मलबा
बताया जा रहा है कि पलास्थली स्थित इस खदान को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद यहां माफियाओं के संरक्षण में चोरी-छिपे कोयला निकालने का काम जारी था. गुरुवार को जब मजदूर खदान के काफी अंदर जाकर कोयला काट रहे थे, तभी ऊपर से मिट्टी और पत्थरों का एक विशाल हिस्सा भरभरा कर उन पर गिर पड़ा. मलबे की मात्रा इतनी अधिक थी कि मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला.
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, दो की हालत गंभीर
हादसे की जानकारी मिलते ही नाला थाना पुलिस और सीआईएसएफ (CISF) की टीमें मौके पर पहुंच गईं. स्थानीय ग्रामीणों की मदद से युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया है. अब तक मिली जानकारी के अनुसार, दो मजदूरों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है. दोनों घायलों को इलाज के लिए तत्काल अस्पताल भेजा गया है. अन्य फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए खुदाई की जा रही है.
अवैध खनन पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर बंद पड़ी खदानों में सुरक्षा और अवैध खनन की ओर इशारा करता है. स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि खदान बंद होने के बावजूद यहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं थे और अवैध उत्खनन को रोकने में प्रशासन कहां चूक गया. फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान मलबे में दबे अन्य लोगों की जान बचाने पर केंद्रित है.