Jamtara: कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी जिन कंधों पर होती है, जब वही सवालों के घेरे में आ जाएं तो बहस लाजमी है। ताजा मामला जामताड़ा शहर का है, जहां एक पुलिस अधिकारी और टोटो चालक के बीच सड़क पर हुआ विवाद चर्चा का विषय बन गया है।
टाउन थाना से कुछ ही दूरी पर हुई घटना
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 8:30 बजे यह घटना जामताड़ा टाउन थाना से लगभग 100 मीटर की दूरी पर घटी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एक टोटो चालक अपनी गाड़ी मोड़ते हुए पुलिस अधिकारी की बाइक के आगे से निकल गया। इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई।
"ईगो" बना विवाद की वजह?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मामूली ट्रैफिक स्थिति को लेकर पुलिस अधिकारी नाराज हो गए। बताया जा रहा है कि अधिकारी ने टोटो चालक का पीछा किया और बीच सड़क पर रोककर फटकार लगाई। कुछ लोगों का दावा है कि इस दौरान अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया और हाथापाई भी हुई।
हालांकि, इस मामले को लेकर पुलिस विभाग की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
नियमों पर दोहरा रवैया?
घटना ने एक और सवाल खड़ा कर दिया है। इन दिनों जामताड़ा पुलिस बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है। लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, संबंधित पुलिस अधिकारी स्वयं बिना हेलमेट बाइक चला रहे थे।
ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या ट्रैफिक नियम केवल आम नागरिकों के लिए हैं? क्या कानून लागू करने वालों पर वही मानक लागू नहीं होने चाहिए?
जवाबदेही और संवेदनशीलता की जरूरत
यह घटना केवल एक व्यक्ति और एक अधिकारी के बीच विवाद नहीं है, बल्कि यह वर्दी की गरिमा और जिम्मेदारी से जुड़ा मुद्दा बन गया है। आम जनता उम्मीद करती है कि कानून के रखवाले संयम, संवेदनशीलता और उदाहरण प्रस्तुत करने वाली भूमिका निभाएं।
अब देखना यह होगा कि संबंधित मामले में विभागीय स्तर पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं, और क्या इस तरह की घटनाओं से भविष्य में कोई सीख ली जाएगी।