Jharkhand Budget 2026-27: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा पेश किए गए “अबुआ दिशोम बजट” में औद्योगिक विकास, शहरी बुनियादी ढांचे और पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का खाका खींचा गया है. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के माध्यम से राज्य को प्राप्त 1.24 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव इस बजट की सबसे बड़ी उपलब्धि बनकर उभरे हैं.
औद्योगिक क्रांति और रोजगार का “बैलेंस”
- राज्य में बड़े निवेश के साथ-साथ कुटीर उद्योगों को भी बजट में पर्याप्त स्थान दिया गया है.
- निवेश और नौकरियां: 1.24 लाख करोड़ के निवेश से इस्पात, ऊर्जा और विनिर्माण क्षेत्रों में 45,000 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है. इसके अलावा, औद्योगिक नीतियों के तहत 20,000 करोड़ का अतिरिक्त निवेश लाया जाएगा.
- तसर रेशम में अव्वल: झारखंड तसर उत्पादन में देश में पहले स्थान पर है. वर्ष 2026-27 के लिए 1,800 मीट्रिक टन तसर उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है.
- PMEGP योजना: अगले वित्तीय वर्ष में इस योजना के माध्यम से 5,000 से 6,000 प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा करने का लक्ष्य है.
पर्यटन में रोमांच: ग्लास ब्रिज और स्काईवॉक का “शटल”
झारखंड को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए सरकार ने कई आधुनिक और साहसिक परियोजनाओं की घोषणा की है.
- ग्लास ब्रिज और रोपवे: रांची के दशम और जोन्हा जलप्रपात में ग्लास ब्रिज का निर्माण होगा. साथ ही जोन्हा और हुंडरू में रोपवे का विकास किया जाएगा.
- नेतरहाट और पतरातु: नेतरहाट के कोयल व्यू पॉइंट पर ग्लास वॉच टॉवर और मैगनोलिया पॉइंट पर स्काईवॉक बनेगा. पतरातु जलाशय में सोलर बोट और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र होंगे.
- इको-टूरिज्म: खूंटी के पेरवाघाघ और चतरा के कोलेश्वरी पहाड़ को इको-पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित किया जाएगा. खनन पर्यटन के लिए ITDCL और CCL के बीच समझौता (MoU) हुआ है.
नगर विकास: स्मार्ट सुविधाएं और स्वच्छ शहर
शहरी क्षेत्रों में आवास और स्वच्छता को लेकर बजट में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं.
- आवास योजना: पीएम आवास योजना (शहरी) के तहत 2.11 लाख स्वीकृत आवासों में से 1.42 लाख पूरे हो चुके हैं. अगले वर्ष लगभग 73,000 और आवास पूर्ण करने का लक्ष्य है.
- अपशिष्ट प्रबंधन: 9 निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और 27 निकायों में “यूज्ड वाटर मैनेजमेंट” परियोजनाओं को मंजूरी दी जाएगी. धनबाद और रामगढ़ में आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का कार्य पूर्ण होगा.
- परिवहन: रांची, धनबाद और जमशेदपुर में ISBT (अंतरराज्यीय बस टर्मिनल) का निर्माण कार्य इसी वित्तीय वर्ष में शुरू किया जाएगा.
सूचना प्रौद्योगिकी और आपदा प्रबंधन
डिजिटल झारखंड के सपने को साकार करने के लिए ई-गवर्नेंस पर विशेष जोर दिया गया है.
- आईटी हब: सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के लिए 328.99 करोड़ का बजट है. “झारखंड स्टेट डेटा सेंटर 2.0” के माध्यम से राज्य के 245 अनुप्रयोगों (Apps) को होस्ट किया जा रहा है.
- आपदा सुरक्षा: गृह और आपदा प्रबंधन के लिए 11,038 करोड़ 53 लाख रुपये का प्रावधान है. इसमें राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) के लिए 720 करोड़ रुपये रखे गए हैं.
- प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण: रांची में श्रीकृष्ण लोक प्रशासन संस्थान (ATI) का नया भवन 155.56 करोड़ की लागत से जुलाई 2026 तक तैयार हो जाएगा.
यह बजट झारखंड की “खनिज आधारित अर्थव्यवस्था” को “पर्यटन और निवेश आधारित अर्थव्यवस्था” में बदलने की एक गंभीर कोशिश है. दशम और नेतरहाट में ग्लास ब्रिज जैसे प्रोजेक्ट्स न केवल पर्यटकों को लुभाएंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के द्वार भी खोलेंगे. हालांकि, 1.24 लाख करोड़ के निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारना और समय पर ISBT जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा करना सरकार के लिए असली चुनौती होगी. शहरी विकास और आईटी पर बढ़ता खर्च राज्य को आधुनिक बनाने की दिशा में एक सही कदम है.