Jharkhand Weather Update: झारखंड में पिछले कुछ दिनों से बढ़ रही तपिश और कड़ी धूप के बीच मौसम ने करवट ली है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है. मंगलवार शाम अचानक रांची, खूंटी, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, गढ़वा और जमशेदपुर समेत कई जिलों में अच्छी खासी बारिश दर्ज की गई. इस झमाझम बारिश और ठंडी हवाओं ने न केवल बढ़ते तापमान पर ब्रेक लगाया, बल्कि मौसम को भी सुहाना बना दिया है. रांची मौसम केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जहां से आ रही नमी के कारण झारखंड में बादलों की आवाजाही सक्रिय है. इसका असर आज और कल भी देखने को मिलेगा, विशेषकर बंगाल की खाड़ी से सटे इलाकों में बादलों की सक्रियता अधिक बनी रहेगी.
7 जिलों के लिए “येलो अलर्ट” जारी
मौसम विभाग ने सुरक्षा के लिहाज से रांची, रामगढ़, खूंटी, बोकारो, पश्चिमी व पूर्वी सिंहभूम और सरायकेला खरसावां जैसे 7 जिलों के लिए “येलो अलर्ट” जारी किया है. इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, साथ ही गरज और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है. विभाग ने लोगों को सावधान करते हुए सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान वे बाहर निकलने से बचें और बिजली कड़कने की स्थिति में किसी भी पेड़ के नीचे शरण न लें. आज हजारीबाग, लोहरदगा, लातेहार, गुमला, कोडरमा और रामगढ़ जैसे जिलों में भी रुक-रुक कर हल्की बारिश होने के आसार हैं, जो वातावरण में नमी और ठंडक बनाए रखेगी.
तापमान और वायु गुणवत्ता
शहरों के तापमान और वायु गुणवत्ता की बात करें तो मंगलवार को जमशेदपुर का अधिकतम तापमान 33°C और न्यूनतम 17°C रहा, जबकि वहां का AQI 180 दर्ज किया गया. रांची में अधिकतम तापमान 29°C और न्यूनतम 14°C के साथ AQI 169 रहा. बोकारो 34°C के साथ सबसे गर्म रहा, वहीं पलामू में न्यूनतम तापमान 14°C दर्ज किया गया. हालांकि बारिश से गर्मी से राहत मिली है, लेकिन धनबाद, बोकारो और जमशेदपुर जैसे शहरों में AQI अभी भी 150 से 180 के बीच बना हुआ है, जो वायु गुणवत्ता के लिहाज से “मध्यम” श्रेणी में आता है.
फरवरी के अंत में इस तरह का मौसमी बदलाव बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का सीधा असर है. यह बारिश उन लोगों के लिए राहत लेकर आई है जो समय से पहले बढ़ती गर्मी से परेशान थे, लेकिन तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है. शहरों का AQI स्तर यह भी दर्शाता है कि केवल हल्की बारिश प्रदूषण को पूरी तरह साफ करने के लिए पर्याप्त नहीं है. इस बदलते मौसम में स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना जरूरी है क्योंकि तापमान में उतार-चढ़ाव वायरल बीमारियों को न्योता दे सकता है.