Delhi: भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर चल रही बातचीत पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। दोनों देशों के मुख्य वार्ताकारों की जो अहम बैठक 23 फरवरी 2026 से वॉशिंगटन में शुरू होने वाली थी, उसे अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया है। यह फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अचानक बढ़ाए गए टैरिफ और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक ऐतिहासिक फैसले के बाद उपजी अनिश्चितता के चलते लिया गया है।
क्यों टली वार्ता, मुख्य कारण
सूत्रों के अनुसार, भारतीय और अमेरिकी वार्ताकारों का मानना है कि पिछले 48 घंटों में हुए घटनाक्रमों ने व्यापारिक समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है। इन बदलावों को समझने और उनके आर्थिक प्रभाव का आकलन करने के लिए दोनों पक्षों को और समय चाहिए। हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए स्वैपिंग टैरिफ को असंवैधानिक करार दिया है। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति के पास इस तरह के व्यापक टैरिफ लगाने की शक्तियां नहीं हैं।
कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए सभी देशों से होने वाले आयात पर 15% का नया ग्लोबल टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है। पहले दोनों देश एक ऐसे फ्रेमवर्क पर सहमत हुए थे जहाँ टैरिफ को घटाकर 18% किया जाना था। लेकिन अब नए 15% के ऐलान के बाद पुराने समझौते की शर्तों पर फिर से विचार करना अनिवार्य हो गया है।
भारत पर क्या होगा असर
भारत के वाणिज्य मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि संयुक्त सचिव दर्पण जैन के नेतृत्व में भारतीय दल वॉशिंगटन जाने वाला था, लेकिन अब यह दौरा तभी होगा जब दोनों सरकारें अपने इंटरनल असेसमेंट पूरे कर लेंगी। भारत यह सुनिश्चित करना चाहता है कि नए 15% टैरिफ के बीच भारतीय निर्यातकों जैसे टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी और इंजीनियरिंग गुड्स के हितों की रक्षा कैसे की जाए।
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में संकेत दिया था कि इस समझौते पर मार्च तक हस्ताक्षर हो सकते हैं और इसे अप्रैल 2026 से लागू किया जा सकता है। हालांकि, मौजूदा गतिरोध के बाद अब समय सीमा आगे बढ़ने की पूरी संभावना है। दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि जल्दबाजी में वार्ता करने के बजाय, नए कानूनी और राजनीतिक परिदृश्य को समझना अधिक महत्वपूर्ण है ताकि एक स्थायी समझौता हो सके।