Jharkhand News: उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने की व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने अहम निर्णय लिया है. वर्ष 1986 बैच के भारतीय वन सेवा (आईएफएस) अधिकारी और झारखंड के पूर्व प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) सह हेड ऑफ फॉरेस्ट फोर्स शशि नंदकुलियार को राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) का सदस्य नियुक्त किया गया है. केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह नियुक्ति की गई है. इस पद पर पहुंचने वाले वे देश के पहले भारतीय वन सेवा अधिकारी हैं.
3,500 से अधिक कर्मचारियों का नेतृत्व किया
शशि नंदकुलियार ने झारखंड में वन विभाग के शीर्ष पद पर रहते हुए 3,500 से अधिक कर्मचारियों का नेतृत्व किया. उनके जिम्मे लगभग 23,600 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र का संरक्षण, प्रबंधन और निगरानी की जिम्मेदारी रही. पर्यावरण संरक्षण और प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें उपभोक्ता न्याय व्यवस्था में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है. उन्हें अगले पांच वर्षों के लिए आयोग का सदस्य बनाया गया है.
वन प्रशासन के अलावा शशि नंदकुलियार झारखंड में सदस्य, राजस्व परिषद के पदेन सदस्य भी रह चुके हैं. एनसीडीआरसी में नियुक्ति से पहले वे सीसीएल (सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड) में वन एवं पर्यावरण सलाहकार के रूप में कार्यरत थे.
सरकार का पक्ष भी प्रभावी ढंग से रखा
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए), वन संरक्षण अधिनियम के तहत वन भूमि विचलन प्रस्तावों और पर्यावरणीय अनुपालन से जुड़े मामलों में गहन जांच और संतुलित निर्णय लेने की पहचान बनाई. झारखंड उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में विभागीय मामलों में राज्य सरकार का पक्ष भी प्रभावी ढंग से रखा.
इसके अलावा सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत लोक सूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के रूप में उन्होंने पारदर्शिता और समयबद्ध जवाबदेही सुनिश्चित की.
केंद्र सरकार का यह कदम प्रशासनिक अनुभव को उपभोक्ता न्याय व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.