Railway Update: रेल मंत्रालय ने रेल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बोर्डिंग स्टेशन बदलने की समय सीमा बढ़ाने पर गंभीर विचार शुरू किया है. इस संबंध में रेलवे बोर्ड ने 19 फरवरी 2026 को एक आधिकारिक पत्र जारी किया है.
वर्तमान नियम क्या है?
साल 2019 में जारी कमर्शियल सर्कुलर नंबर 17 के तहत यह सुविधा दी गई थी कि यदि किसी यात्री ने किसी विशेष स्टेशन से टिकट आरक्षित कराया है, लेकिन बाद में वह किसी अन्य स्टेशन से ट्रेन में चढ़ना चाहता है, तो वह बोर्डिंग प्वाइंट बदल सकता है.
हालांकि, यह सुविधा केवल पहले आरक्षण चार्ट बनने तक ही उपलब्ध रहती है. रेलवे में पहला रिजर्वेशन चार्ट आमतौर पर ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से लगभग 10 से 20 घंटे पहले तैयार किया जाता है. इसके बाद बोर्डिंग स्टेशन बदलने की अनुमति नहीं होती.
नया प्रस्ताव क्या है?
रेलवे बोर्ड ने देखा है कि अब आरक्षण चार्ट तैयार करने के समय में बदलाव हुआ है. ऐसे में यात्रियों की सुविधा को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रस्ताव रखा गया है कि बोर्डिंग स्टेशन बदलने की अनुमति दूसरे रिजर्वेशन चार्ट बनने तक दी जाए.
दूसरा रिजर्वेशन चार्ट आमतौर पर ट्रेन खुलने से कुछ समय पहले तैयार किया जाता है. यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो यात्रियों को अपनी यात्रा योजना में बदलाव करने के लिए अधिक समय मिलेगा.
सीआरआईएस को क्या निर्देश दिए गए?
रेलवे बोर्ड ने सीआरआईएस से कहा है कि वह इस प्रस्ताव की तकनीकी और व्यावहारिक संभावनाओं की जांच करे. साथ ही, इस पर अपनी विस्तृत टिप्पणी और सुझाव जल्द से जल्द रेलवे बोर्ड को उपलब्ध कराए, ताकि अंतिम निर्णय लिया जा सके.
यात्रियों को क्या होगा लाभ?
यदि यह प्रस्ताव मंजूर हो जाता है, तो यात्रियों को निम्न लाभ मिल सकते हैं:
• यात्रा योजना में बदलाव के लिए अधिक समय
• अचानक परिस्थितियों में राहत
• टिकट रद्द करने की आवश्यकता कम
• बेहतर यात्रा सुविधा
रेलवे बोर्ड अब सीआरआईएस की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है. रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा. यदि इसे मंजूरी मिलती है, तो यह कदम लाखों रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है.