Jharkhand News: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा दिन काफी गरमागरम रहा. दूसरी पाली की शुरुआत होते ही नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी. उन्होंने डीजीपी की नियुक्ति से लेकर राज्य में चल रहे शराब घोटाले और आदिवासियों की जमीन के मुद्दे पर सरकार को जमकर खरी-खोटी सुनाई. सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली.
डीजीपी नियुक्ति पर संग्राम, सीएम बोले मामला कोर्ट में है
बाबूलाल मरांडी ने डीजीपी तदाशा मिश्रा की नियुक्ति पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे सर्विस रूल के खिलाफ बताया. उन्होंने कहा कि जब उनकी सेवा के केवल दो महीने बचे थे, तब उन्हें दिसंबर 2027 तक के लिए डीजीपी बना दिया गया, जो नियमों का उल्लंघन है. इस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में सबज्यूडिस (विचाराधीन) है, इसलिए सदन में इस पर चर्चा करना उचित नहीं होगा. हालांकि, बाबूलाल अपनी बात पर अड़े रहे और कहा कि यूपीएससी के पैनल को दरकिनार कर नियम ताक पर रखे गए हैं.
शराब घोटाला और खाली पदों का मुद्दा
मरांडी ने शराब घोटाले को लेकर सरकार पर बड़ा आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि 2022 में ही उन्होंने सीएम को इस बारे में पत्र लिखा था, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति हुई. उन्होंने सवाल उठाया कि 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल क्यों नहीं की गई? इसके साथ ही उन्होंने सूचना आयुक्त और लोकायुक्त जैसे महत्वपूर्ण पदों के चार-पांच सालों से खाली होने पर भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए. खनिज खदानों की नीलामी और धान खरीद में देरी को लेकर भी उन्होंने मंत्री इरफान अंसारी को घेरा, जिस पर मंत्री ने मार्च तक लक्ष्य पूरा करने का भरोसा दिया.
जमीन विवाद और “रिम्स 2” पर तकरार
जमीन अधिग्रहण के मुद्दे पर बाबूलाल मरांडी काफी आक्रामक नजर आए. उन्होंने जसीडीह और नगड़ी में आदिवासियों को उजाड़ने का आरोप लगाते हुए कहा कि उद्योग के नाम पर खेती की जमीन लूटी जा रही है. उन्होंने साफ कहा कि आदिवासियों के लिए जमीन ही उनका जीवन है, सिर्फ अबुआ आवास देने से उनका भला नहीं होगा. जब इरफान अंसारी ने नगड़ी में अस्पताल निर्माण और आरएसएस कैंप का जिक्र किया, तो बाबूलाल ने पलटवार करते हुए कहा कि जसीडीह में डीसी को बोलकर उजाड़ने का काम तुरंत रुकवाएं. उन्होंने तिसरी में फॉरेस्ट विभाग की कार्रवाई की जांच के लिए विधानसभा कमेटी बनाने की भी मांग की.