हादसे के बाद मची लूट की होड़
जैसे ही स्थानीय लोगों को ट्रक पलटने और उसमें अंगूर होने की खबर मिली, मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। देखते ही देखते अतरबेल पुल के नीचे का नजारा किसी बाजार जैसा हो गया। दुर्घटना की गंभीरता को देखने के बजाय, लोग बहते अंगूरों को समेटने में जुट गए। क्या बच्चे, क्या बुजुर्ग और क्या महिलाएं हर कोई झोला, बोरी और बर्तन लेकर नदी के ठंडे पानी में उतर गया।पानी में तैरते अंगूरों के गुच्छों को पकड़ने के लिए लोगों के बीच छीना-झपटी और धक्का-मुक्की भी देखी गई। कुछ लोग तो तैरकर ट्रक के मलबे के पास तक पहुँच गए ताकि ज्यादा से ज्यादा माल समेट सकें।
आपको बताए कैसे हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक काफी तेज गति में था। अतरबेल पुल के समीप चालक ने अचानक संतुलन खो दिया, जिससे ट्रक डिवाइडर और रेलिंग को तोड़ते हुए नीचे नदी में जा गिरा। गनीमत यह रही कि इस बड़े हादसे में किसी की जान नहीं गई। ड्राइवर और खलासी सुरक्षित बताए जा रहे हैं, लेकिन ट्रक और उसमें लदे माल को काफी नुकसान पहुँचा है।
पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। भीड़ को पानी से दूर रहने की हिदायत दी गई है क्योंकि नदी में डूबने का खतरा बना हुआ था।यह घटना सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बनी हुई है, जहाँ लोग एक तरफ हादसे पर दुख जता रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आपदा में अवसर तलाशने वाली इस भीड़ पर सवाल उठा रहे हैं।