Jharkhand Weather Updates: झारखंड के अधिकांश हिस्सों से अब धीरे-धीरे ठंड विदा हो रही है और धूप की तपिश ने असर दिखाना शुरू कर दिया है. राज्य के लगभग सभी जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस के ऊपर पहुंच चुका है, जबकि अधिकतम पारा 30 डिग्री को पार कर गया है. पिछले 24 घंटों के दौरान चाईबासा और जमशेदपुर में गर्मी का तीखा अहसास हुआ, जहां चाईबासा में सर्वाधिक 33.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया. कोल्हान क्षेत्र के इन जिलों में दोपहर के समय लोग अब हल्के कपड़ों में नजर आने लगे हैं. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में गर्मी का प्रभाव और बढ़ने की संभावना है.
कई जिलों में पारा 33 से 34 डिग्री तक पहुंच गया
राज्य के दक्षिणी जिलों, जिनमें पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां शामिल हैं, वहां तापमान 33 से 34 डिग्री के बीच बना हुआ है. जमशेदपुर में न्यूनतम तापमान भी 15 डिग्री तक पहुंच गया है, जिससे सुबह-शाम की कनकनी अब लगभग समाप्त हो गई है. दूसरी ओर, गुमला जिला राज्य में अपवाद बना हुआ है, जहां से फिलहाल ठंड लौटने का नाम नहीं ले रही. घने जंगलों और भौगोलिक स्थिति के कारण गुमला में न्यूनतम तापमान अब भी 8 से 9 डिग्री के आसपास बना हुआ है. वहीं, रांची में अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम 12 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि धनबाद और बोकारो में भी न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री तक की वृद्धि दर्ज की गई है. पलामू में भी पारा 33 डिग्री तक जा पहुंचा है.
धनबाद में वायु गुणवत्ता की स्थिति सबसे चिंताजनक
वायु गुणवत्ता के मोर्चे पर धनबाद की स्थिति सबसे चिंताजनक है, जहां AQI 223 दर्ज किया गया है, जो “खराब” श्रेणी में आता है. रांची और पलामू का AQI 170 रहा, जबकि जमशेदपुर में यह 154 और बोकारो में 150 रिकॉर्ड किया गया. पलामू और चाईबासा जैसे जिलों में दोपहर के वक्त सूरज की सीधी किरणों के कारण गर्मी अधिक महसूस हो रही है. मौसम विज्ञानियों का कहना है कि पछुआ हवाओं के कमजोर पड़ने और आसमान साफ रहने की वजह से तापमान में यह उछाल देखा जा रहा है.
झारखंड के मौसम में आ रहा यह तेजी से बदलाव बसंत के बीच गर्मी के समय से पूर्व आगमन का संकेत है. जमशेदपुर और चाईबासा जैसे औद्योगिक व मैदानी क्षेत्रों में तापमान का 33 डिग्री तक पहुंचना यह बताता है कि इस वर्ष लू (हीटवेव) का असर जल्दी शुरू हो सकता है. हालांकि, गुमला जैसे इलाकों में ठंड का बने रहना वहां के प्राकृतिक आवरण का प्रभाव है. तापमान बढ़ने के साथ ही धनबाद जैसे क्षेत्रों में खराब वायु गुणवत्ता भी चिंता का विषय है, जो गर्मी के साथ मिलकर स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ा सकती है.