Current News: केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म स्नैपडील पर पांच लाख रुपये का दंड लगाया है. यह कार्रवाई बच्चों के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों (बीआईएस) का उल्लंघन कर असुरक्षित खिलौने बेचने के मामले में की गई है. सीसीपीए की चेयरमैन निधि खरे के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई ने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स पर बिकने वाले उत्पादों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर स्वतः संज्ञान
सीसीपीए ने बच्चों के खिलौनों के लिए तय क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर और बीआईएस मानकों के उल्लंघन पर स्वतः संज्ञान लेते हुए यह प्रक्रिया शुरू की थी. इस मामले में स्नैपडील के अलावा अमेज़न, स्टैलियन ट्रेडिंग कंपनी और इलेक्ट्रॉनिक बाजार जैसे अन्य प्लेटफॉर्म्स को भी नोटिस जारी किए गए थे. स्नैपडील के मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद यह पाया गया कि पोर्टल पर बिक रहे खिलौने अनिवार्य सुरक्षा मापदंडों को पूरा नहीं कर रहे थे.
डिस्काउंट ऑफर के जरिए की गई बिक्री
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि स्नैपडील ने असुरक्षित खिलौनों को प्रमोट करने के लिए “तूफान सेल” और “डील ऑफ द डे” जैसे आकर्षक विज्ञापनों का सहारा लिया था. रिकॉर्ड के अनुसार, स्नैपडील ने स्टैलियन ट्रेडिंग और थ्रिफ्टकार्ट नामक विक्रेताओं के माध्यम से इन खिलौनों की बिक्री कर कमीशन के रूप में 41,032 रुपये कमाए थे. नियमों के विरुद्ध इन उत्पादों को बाजार में उतारने के कारण प्राधिकरण ने जुर्माना लगाने का कड़ा फैसला सुनाया.
उपभोक्ताओं की सुरक्षा सर्वोपरि
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि ई-कॉमर्स कंपनियों की यह जिम्मेदारी है कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर बिकने वाले उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करें, विशेषकर तब जब मामला बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा हो. इस कार्रवाई को भविष्य में अन्य ऑनलाइन रिटेलर्स के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, ताकि वे केवल बीआईएस प्रमाणित और सुरक्षित खिलौने ही ग्राहकों तक पहुंचाएं.