Jamshedpur: सोनारी थाना क्षेत्र अंतर्गत परदेसी पाड़ा बी ब्लॉक में एक मकान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर रूप ले चुका है। घर की मालकिन की मौत के बाद उस मकान पर अधिकार को लेकर किरायेदार परिवार और खुद को मृतका का भाई बताने वाले एक व्यक्ति के बीच टकराव बढ़ गया है। हालात इस कदर बिगड़ गए कि मारपीट और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
15 वर्षों से रह रहा है महानंद परिवार
मकान में रह रहे सुरेश महानंद और उनकी पत्नी रोहिणी महानंद का कहना है कि वे पिछले 15 वर्षों से उसी घर में रह रहे हैं। मकान के मालिक बिलासपुर के सरकारी अस्पताल में कार्यरत रहे डॉक्टर सपन कुमार बसु और टेल्को स्थित लेडी इंदर स्कूल की शिक्षिका कोनिका बसु थे।
कुछ वर्ष पहले डॉक्टर सपन कुमार का निधन हो गया था। इसके बाद वर्ष 2024 में कोनिका बसु की भी चेस्ट कैंसर के कारण मृत्यु हो गई। महानंद दंपति का दावा है कि बीमारी के दौरान उन्होंने ही उनकी देखभाल की थी। इसी सेवा भावना से प्रभावित होकर कोनिका बसु ने उन्हें बिना किराया लिए मकान में रहने की अनुमति दी थी।
वसीयत का दावा, यहीं से शुरू हुआ विवाद
महानंद परिवार के अनुसार, कोनिका बसु ने एक वसीयत भी तैयार करवाई थी, जिसमें उनके निधन के बाद इस मकान में रहने का अधिकार महानंद परिवार को दिए जाने का उल्लेख है। परिवार का कहना है कि उनके पास उस वसीयत की प्रति भी थी।
हालांकि, कोनिका की मृत्यु के लगभग दो वर्ष बाद अचानक संजय सोम नामक व्यक्ति घर पहुंचा और स्वयं को कोनिका का भाई बताते हुए मकान पर अपना अधिकार जताने लगा। सुरेश महानंद का कहना है कि इतने वर्षों में उन्होंने इस व्यक्ति को कभी घर आते नहीं देखा था, लेकिन अब वह लगातार घर खाली करने का दबाव बना रहा है।
जबरन घुसपैठ, मारपीट और तोड़फोड़ के आरोप
महानंद परिवार का आरोप है कि संजय सोम कई बार घर में घुसकर विवाद करता रहा है। बीते दिनों वह कुछ महिलाओं और अन्य लोगों के साथ घर पहुंचा और जबरन अंदर घुस गया। आरोप है कि इस दौरान परिवार की महिलाओं के साथ मारपीट की गई और घर की दीवारों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
सुरेश महानंद का कहना है कि इस हंगामे के दौरान लगभग पांच लाख रुपये मूल्य के सोने के आभूषण, कांसे के बर्तनों से भरा एक बक्सा, रसोई का सामान, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड और वसीयत से जुड़े दस्तावेज भी उठा ले जाए गए।
पुलिस पहुंची, लेकिन डर अब भी कायम
रविवार को भी क्षेत्र की कुछ महिला नेत्रियों के साथ कथित भाई के दोबारा पहुंचने की बात सामने आई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया।
लगातार हो रही घटनाओं से महानंद परिवार भयभीत है। उन्होंने सुरक्षा के मद्देनजर मुख्य गेट पर ताला लगाकर खुद को घर के अंदर सीमित कर लिया है। परिवार का कहना है कि उन्हें अपनी जान-माल का खतरा महसूस हो रहा है और किसी भी समय अनहोनी की आशंका बनी हुई है।
पुलिस से सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग
महानंद परिवार ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा मुहैया कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि वसीयत वैध है तो उन्हें न्याय मिलना चाहिए, वहीं यदि कोई कानूनी प्रक्रिया है तो वह अदालत के माध्यम से हो न कि दबाव और हिंसा के जरिए।