Jharkhand High Court: झारखंड के विभिन्न अस्पतालों और नर्सिंग होम से निकलने वाले बायो मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण को लेकर सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई. चीफ जस्टिस एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने इस जनहित याचिका पर सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया है. यह याचिका झारखंड ह्यूमन राइट कनफेडरेशन की ओर से दायर की गई थी.
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रस्तुत किया अपना पक्ष
सुनवाई के दौरान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB) की ओर से अधिवक्ता रिचा संचित ने अदालत को बताया कि राज्य में “क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट” को प्रभावी ढंग से लागू कर दिया गया है. बोर्ड के अनुसार, झारखंड के सभी नर्सिंग होम और अस्पताल इस अधिनियम के तहत पंजीकृत हैं और बायो मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल फैसिलिटी के साथ जुड़ना उनके लिए अनिवार्य है. बोर्ड ने दावा किया कि वर्तमान में सभी चिकित्सा संस्थान नियमों के अनुरूप ही कचरे का निष्पादन कर रहे हैं.
वेस्ट मैनेजमेंट नियमों को सख्ती से लागू करने की मांग
प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता समावेश देव ने पक्ष रखते हुए राज्य में “एनवायरमेंटल प्रोटेक्शन एक्ट” के अंतर्गत “बायो मेडिकल वेस्ट डिस्पोजल मैनेजमेंट रूल” को पूरी तरह से और प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की. याचिका में चिंता जताई गई थी कि अस्पतालों और क्लीनिकों से निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निष्पादन न होना पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा है. प्रार्थी ने अदालत से आग्रह किया है कि इन नियमों के पालन की निगरानी और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई का सख्त प्रावधान होना चाहिए.
पर्यावरणीय सुरक्षा और स्वास्थ्य मानकों का संतुलन
बायो मेडिकल वेस्ट का मुद्दा सीधे तौर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य और पारिस्थितिकी से जुड़ा हुआ है. अस्पतालों से निकलने वाले कचरे में संक्रामक तत्व होते हैं, जिनका अनुचित निस्तारण गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है. हालांकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी अस्पतालों के पंजीकरण और नियमों के पालन की बात कही है, लेकिन धरातल पर इसकी प्रभावशीलता अक्सर सवालों के घेरे में रहती है. हाईकोर्ट का सुरक्षित रखा गया आदेश यह तय करेगा कि क्या राज्य में मौजूदा निगरानी तंत्र पर्याप्त है या बायो मेडिकल वेस्ट हैंडलिंग नियमों को और अधिक कड़ाई से लागू करने के लिए किसी विशेष दिशा-निर्देश की आवश्यकता है.