Jharkhand News: झारखंड एलिजिबिलिटी टेस्ट (JET) 2024 की अंतिम परीक्षा तिथि को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के सचिव को शपथ पत्र दाखिल कर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि JET-2024 की अंतिम परीक्षा तिथि क्या है और अब तक इसकी तैयारी के लिए क्या कदम उठाए गए हैं.
करीब 1 लाख 75 हजार अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया है
कोर्ट ने इस बात पर भी नाराजगी जताई कि जब करीब 1 लाख 75 हजार अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया है और दिसंबर 2025 में फॉर्म भरने की अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी है, तो फिर परीक्षा कराने में देरी क्यों हो रही है. अदालत ने सवाल किया कि कई वर्षों से JET परीक्षा आयोजित नहीं हुई है, जिससे ऐसा लगता है कि आयोग इस परीक्षा को लेकर गंभीर नहीं है.
गुरुवार को अदालत में असिस्टेंट प्रोफेसर और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की नियुक्ति से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई हो रही थी. इस दौरान JPSC की ओर से बताया गया कि JET-2024 की परीक्षा आयोजित की जा रही है और इसका परिणाम जल्द जारी किया जाएगा.
कोर्ट को यह भी बताया गया कि JET का रिजल्ट आने के बाद विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला जाएगा. JET में सफल अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिलेगा. इसी कारण अभी तक विश्वविद्यालय शिक्षकों की नियुक्ति का विज्ञापन जारी नहीं किया गया है. मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को तय की गई है.
क्या है याचिका में मांग
यह जनहित याचिका अनिकेत ओहदार और अन्य की ओर से दाखिल की गई है. याचिका में कहा गया है कि रांची विश्वविद्यालय में लंबे समय से असिस्टेंट प्रोफेसर और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति नहीं की गई है. उनकी जगह संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) पर नियुक्तियां की जा रही हैं, जो नियमों के खिलाफ है. याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि संविदा नियुक्तियों की बजाय नियमित नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाए.