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  • 2026-02-12

Jharkhand News: झारखंड में डिजिटल सिस्टम फेल, 15 दिनों से ऑनलाइन FIR सेवा ठप, शिकायतों के लिए थानों के चक्कर लगा रहे लोग

Jharkhand News: झारखंड में सरकारी सेवाओं को डिजिटल और सुलभ बनाने के दावों के बीच एक बड़ी तकनीकी समस्या सामने आई है. राज्य में पिछले 15 दिनों से ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने की व्यवस्था पूरी तरह से बंद है. इस महत्वपूर्ण डिजिटल सेवा के ठप होने के कारण आम जनता को अपनी शिकायतों के लिए काफी संघर्ष करना पड़ रहा है. शासन द्वारा पारदर्शिता और सुगमता के जो वादे किए गए थे, वे वर्तमान स्थिति में जमीन पर उतरते नजर नहीं आ रहे हैं.

थानों के चक्कर लगाने को मजबूर हुए आम लोग
झारखंड पुलिस की ऑनलाइन पोर्टल प्रणाली में आई तकनीकी खराबी के चलते चोरी, साइबर अपराध और दस्तावेज खोने जैसी शिकायतों को दर्ज कराना मुश्किल हो गया है. जो लोग घर बैठे डिजिटल माध्यम से अपनी रिपोर्ट दर्ज कराना चाहते थे, उन्हें अब मजबूरन शारीरिक रूप से थानों में उपस्थित होना पड़ रहा है. विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह स्थिति और भी कष्टदायक है, क्योंकि उन्हें एक छोटी-सी शिकायत के लिए अपना समय और धन खर्च कर दूरी तय करनी पड़ रही है.

डिजिटल विश्वसनीयता पर खड़े हो रहे हैं सवाल
ऑनलाइन एफआईआर सेवा की शुरुआत इस उद्देश्य के साथ की गई थी कि थानों की भीड़ कम हो और नागरिकों को त्वरित सेवा मिले. हालांकि, दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पोर्टल का बहाल न होना पुलिस प्रशासन की तकनीकी तैयारी पर सवाल उठा रहा है. अभी तक विभाग की ओर से इस समस्या के समाधान या सेवा बहाली की किसी निश्चित समय-सीमा के बारे में आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है. इस देरी से न केवल शिकायतों के निपटारे में विलंब हो रहा है, बल्कि डिजिटल सिस्टम के प्रति लोगों का विश्वास भी कम हो रहा है.

डिजिटल इंडिया के दौर में ऑनलाइन एफआईआर जैसी बुनियादी सेवा का 15 दिनों तक बंद रहना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है. यह स्थिति स्पष्ट करती है कि सरकारी डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में नियमित रखरखाव और आपातकालीन तकनीकी बैकअप की भारी कमी है. जब शासन लोगों को ऑनलाइन माध्यमों की ओर प्रोत्साहित करता है, तो उसे यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ये सेवाएं निर्बाध रूप से कार्य करें. इस तकनीकी बाधा ने न केवल पुलिस और जनता के बीच की दूरी को बढ़ाया है, बल्कि अपराधों की रिपोर्टिंग की प्रक्रिया को भी धीमा कर दिया है. झारखंड पुलिस को अपनी आईटी टीम को जवाबदेह बनाते हुए इस समस्या का जल्द समाधान करना चाहिए ताकि जनता का भरोसा बना रहे.
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