National News: देश में बढ़ते साइबर फ्रॉड और डिजिटल ठगी के मामलों को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की है. सुप्रीम कोर्ट ने इस SOP को पूरे भारत में लागू करने का निर्देश दिया है. इस संबंध में भारत के अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट को विस्तृत जानकारी दी.
सुप्रीम कोर्ट ने साइबर अपराध से जुड़े मामलों में स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू की थी. इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की पीठ ने की.
बड़े लेनदेन पर तुरंत अलर्ट जारी
कोर्ट ने कहा कि साइबर फ्रॉड और डिजिटल गिरफ्तारी जैसे मामलों में बड़े लेनदेन पर तुरंत अलर्ट जारी करना बैंकों की जिम्मेदारी है. न्यायालय ने उदाहरण देते हुए कहा कि आम तौर पर पेंशनधारक अपने खाते से 10 से 20 हजार रुपये का ही लेनदेन करता है, लेकिन यदि ऐसे खाते से अचानक 50 लाख या एक करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन होने लगे, तो बैंक को तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए.
भारत के अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि ने अदालत को बताया कि RBI ने साइबर धोखाधड़ी से निपटने के लिए एक SOP तैयार की है. इसके तहत सुरक्षा के लिहाज से जरूरत पड़ने पर संदिग्ध लेनदेन को अस्थायी रूप से रोकने का प्रावधान भी रखा गया है. सुप्रीम कोर्ट ने गृह मंत्रालय को निर्देश दिया कि RBI द्वारा तैयार इस SOP को देशभर में प्रभावी रूप से लागू किया जाए.