बिष्टुपुर स्थित आवास/कार्यालय में जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ हुई बैठक में राय ने कहा कि मानगो की सामाजिक बनावट संवेदनशील है, जहां एक ओर हिंदू तो दूसरी ओर मुस्लिम आबादी रहती है। ऐसे में नगर निगम चुनाव दोनों समुदायों के लिए अहम हैं और चुनावी प्रक्रिया में आपसी भाईचारे और सौहार्द का माहौल बना रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मतदाताओं को यह देखना चाहिए कि मानगो को और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है। इसी सोच के तहत एनडीए समर्थित प्रत्याशी को समर्थन दिया जा रहा है, क्योंकि वह मानगो की स्थानीय महिला हैं और क्षेत्र की समस्याओं व विकास कार्यों से भली-भांति परिचित हैं।
राय ने मानगो में विकास की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि 2005 में पहली बार विधायक बनने पर उन्होंने देखा था कि पानी के लिए बच्चों, जवानों और बुजुर्गों को लंबी कतारों में लगना पड़ता था। तभी उन्होंने मानगो के लिए पेयजल परियोजना लाने का संकल्प लिया। परियोजना शुरू तो हुई, लेकिन उनके न रहने के दौरान इसमें प्रगति रुक गई। इंटेकवेल में बालू जम गई, पानी की टंकियां बनकर रह गईं और पाइपलाइन के बावजूद पानी नहीं पहुंच पाया।
उन्होंने बिजली संकट की याद दिलाते हुए कहा कि कभी गर्मियों में लोग घरों में नहीं रह पाते थे। बालीगुमा में पावरग्रिड की स्थापना उनके प्रयासों का परिणाम रही। इसी तरह जमशेदपुर से रांची तक नेशनल हाईवे की बदहाली के खिलाफ दो साल तक आंदोलन किया गया, मुकदमे झेले गए, जिसके बाद सड़क निर्माण शुरू हुआ। पारडीह से बालीगुमा तक फ्लाईओवर का प्रस्ताव भी उसी संघर्ष की देन है।
मेधा डेयरी परियोजना पर राय ने कहा कि कृषि फार्म की जमीन पर प्लांट लगाने की योजना थी, लेकिन पांच साल पश्चिम का विधायक न रहने के कारण अब यह परियोजना सरायकेला जा रही है। उन्होंने 2014 में किए गए उस वादे को भी दोहराया कि मानगो को इस तरह विकसित किया जाएगा कि जरूरी चीजों के लिए लोगों को बिष्टुपुर या साकची न जाना पड़े और आज मानगो उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।
सफाई व्यवस्था पर उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि पसंदीदा ठेकेदारों के कारण काम नहीं हो पा रहा, जिससे गंदगी का अंबार लग जाता है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि मेयर पद के लिए ऐसे स्थानीय प्रत्याशी को चुना जाए जो मानगो की बेहतरी को प्राथमिकता दे सके। “एक ही व्यक्ति विधायक, मंत्री और मेयरपति बने..यह ठीक नहीं। स्थानीय लोगों को भी मौका मिलना चाहिए,” उन्होंने कहा।
अंत में राय ने कहा कि मानगो का चुनाव विधानसभा चुनाव की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। सड़क, पानी, बिजली, साफ-सफाई और शिक्षा जैसी सुविधाएं मानगोवासियों के लिए होंगी और सभी को समान लाभ देंगी। इसलिए ठंडे दिमाग से, सोच-समझकर फैसला लेने और मिल-जुलकर मानगो के भविष्य को संवारने की जरूरत है।