Jharkhand News: रांची में वर्षों से अटकी एक अहम नियुक्ति प्रक्रिया एक बार फिर न्यायिक जांच के दायरे में आ गई है. रांची वेटरनरी कॉलेज में प्रोफेसर कम चीफ साइंटिस्ट के पद पर बहाली को लेकर झारखंड हाई कोर्ट ने संबंधित आयोग से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है. कोर्ट ने जानना चाहा है कि यह चयन प्रक्रिया आखिर कब तक पूरी होगी.
याचिका पर हुई सुनवाई
इस मामले में अरविंद कुमार शर्मा समेत अन्य की ओर से दायर याचिका पर न्यायमूर्ति आनंदा सेन की अदालत में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जेपीएससी से पूछा कि वर्षों से लंबित बहाली की प्रक्रिया को पूरा करने में और कितना समय लगेगा. आयोग को इस संबंध में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है.
विज्ञापन के बाद भी नहीं हुई बहाली
याचिकाकर्ताओं की ओर से बताया गया कि जेपीएससी ने वर्ष 2017 में रांची वेटरनरी कॉलेज में प्रोफेसर कम चीफ साइंटिस्ट के पद के लिए विज्ञापन जारी किया था. इसके बावजूद अब तक चयन प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है. इसी आधार पर कोर्ट से जल्द निर्णय का आदेश देने की मांग की गई.
दो सप्ताह बाद फिर सुनवाई
कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद तय की है. तब तक आयोग को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी कि बहाली प्रक्रिया किस चरण में है और इसे पूरा करने की समय सीमा क्या होगी.
यह मामला राज्य में भर्ती प्रक्रियाओं की धीमी रफ्तार को उजागर करता है. वर्षों तक लंबित चयन न केवल योग्य अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित करता है, बल्कि संस्थानों की कार्यक्षमता पर भी असर डालता है. अब अदालत के हस्तक्षेप के बाद उम्मीद है कि नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता आएगी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित होगी.