Ranchi: राजधानी रांची में गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद की अहम बैठक आयोजित की गई। 5 फरवरी को हुई इस बैठक में कुल 26 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों के साथ मीडिया को संबोधित किया और इस दौरान केंद्र सरकार व हाल ही में पेश किए गए केंद्रीय बजट पर जमकर निशाना साधा।
केंद्रीय बजट पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए बजट को आम जनता के लिए निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि बजट को गहराई से देखने की जरूरत है। चाहे कृषि क्षेत्र हो या अन्य कोई सेक्टर, यह साफ नहीं होता कि इस बजट से आम लोगों को आखिर क्या राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने सवालिया लहजे में कहा कि सरकार बड़े-बड़े दावों की बात करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय बजट में आम आदमी की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है। महंगाई से जूझ रही जनता को इस बजट से किसी तरह की राहत नहीं मिली।
रोजमर्रा की चीजें महंगी, जनता परेशान
मीडिया द्वारा कोयला, खनिज और लोहे की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री और अधिक आक्रामक नजर आए। उन्होंने कहा कि केवल कोयला, खनिज और लोहे की ही बात नहीं है, बल्कि आम आदमी की थाली में आने वाली चीजें भी महंगी हो गई हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस बजट के बाद दाल और चावल जैसी बुनियादी खाद्य सामग्री तक महंगी हो गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यही विकास का मॉडल है, जिसमें आम जनता पर महंगाई का बोझ लगातार बढ़ता जाए।
असम के चाय बागान मजदूरों की स्थिति पर चिंता
असम दौरे से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वहां के चाय बागान मजदूरों की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज भी असम के कई इलाकों में चाय बागान मजदूरों की हालत बेहद दयनीय है और वहां गुलामी जैसी परिस्थितियां बनी हुई हैं।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार और असम सरकार पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि असम में हालात ऐसे प्रतीत होते हैं मानो देश के भीतर ही एक अलग देश हो। उन्होंने कहा कि वहां आज भी अंग्रेजी शासन की छाया दिखाई देती है और ऐसा महसूस होता है कि लोग अब भी गुलामी का जीवन जीने को मजबूर हैं।
केंद्र सरकार पर परोक्ष हमला
अपने बयान के जरिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने साफ संकेत दिए कि केंद्र सरकार की नीतियां आम जनता के हितों की अनदेखी कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जब तक नीतियां जमीनी हकीकत को ध्यान में रखकर नहीं बनाई जाएंगी, तब तक आम लोगों को राहत मिलना मुश्किल है।