Ranchi News: रांची के कई रिहायशी इलाकों में सड़क और नाली जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी अब अदालत के संज्ञान में आ गई है. झारखंड हाई कोर्ट ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए सुनवाई की और राज्य सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है.
छह मुहल्लों की सड़कें बनीं मुसीबत
हस्तक्षेपकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता शुभम कटारुका ने कोर्ट को बताया कि अरगोड़ा से नयासराय रोड के पास स्थित राजेंद्र नगर, सिद्धि विनायक नगर, महुआ टोली, बेथलेहम नगर, धर्म कॉलोनी और लक्ष्मी नगर जैसे इलाकों में करीब 50 हजार लोग रह रहे हैं. इन मुहल्लों तक जाने वाली सड़कें कच्ची हैं और बरसात के मौसम में हालात और खराब हो जाते हैं.
बारिश में फंस जाते हैं वाहन
बताया गया कि मुख्य मार्ग से जुड़ने वाली सड़कों में जगह जगह गड्ढे हैं, जिससे बारिश के दौरान वाहन फंस जाते हैं और लोगों का आना जाना मुश्किल हो जाता है. स्थानीय लोगों की मांग है कि इन सड़कों को जल्द दुरुस्त कराया जाए.
सरकार ने मांगा समय
मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने सरकार से पूछा कि इन सड़कों की मरम्मती कब होगी. सरकार की ओर से बताया गया कि यह जिम्मेदारी ग्रामीण विकास विभाग और सड़क निर्माण विभाग की है. सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया. अगली सुनवाई 26 फरवरी तय की गई है.
हाई कोर्ट का यह कदम दर्शाता है कि शहरी इलाकों में बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी अब केवल प्रशासनिक मुद्दा नहीं रही. अदालत की सख्ती से सरकार पर दबाव बढ़ेगा और प्रभावित इलाकों के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है.