Jharkhand: झारखंड को तकनीक और डिजिटल विकास के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार को बड़ी सफलता मिली है। राज्य में पूर्वी भारत का सबसे बड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित डेटा सेंटर स्थापित किया जाने वाला है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए सिंगापुर की प्रतिष्ठित कंपनी सनसाइन ग्लोबल कैपिटल लिमिटेड ने झारखंड सरकार को आशय पत्र (Letter Of Intent) सौंपा है।
झारखंड उभरते हुए टेक्नोलॉजी और डिजिटल हब
बता दें कि हाल ही में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की स्विट्जरलैंड (दावोस) और यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक यात्रा संपन्न हुई थी। इस दौरान विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) की बैठक में मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों के सामने झारखंड को एक उभरते हुए टेक्नोलॉजी और डिजिटल हब के रूप में प्रस्तुत किया था। उन्होंने राज्य में आईटी निवेश को बढ़ावा देने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने का स्पष्ट विजन रखा था।
मुख्यमंत्री की पहल का सकारात्मक परिणाम
मुख्यमंत्री की इसी पहल का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। प्रस्तावित एआई डेटा सेंटर परियोजना से न सिर्फ राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा, बल्कि आईटी सेक्टर, ग्रीन एनर्जी और आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों को भी नई गति मिलेगी।
24 महीनों के भीतर व्यावसायिक रूप से शुरू करने का लक्ष्य
सरकार और कंपनी के बीच तय योजना के अनुसार, इस परियोजना को अगले 24 महीनों के भीतर व्यावसायिक रूप से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इस अवधि में भूमि का चयन, आधारभूत संरचना का विकास, बिजली आपूर्ति, डिजिटल कनेक्टिविटी और सभी आवश्यक प्रशासनिक स्वीकृतियों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
लगभग 3300 करोड़ रुपये का निवेश
सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने इस डेटा सेंटर के लिए राज्य सरकार से 5 से 8 एकड़ भूमि की मांग की है। पूरी परियोजना पर लगभग 3300 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इसके साथ ही इस परियोजना के माध्यम से 1600 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है।
बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर खुलेंगे
खास बात यह है कि इस डेटा सेंटर से आईटी प्रोफेशनल्स, इंजीनियर्स, डेटा साइंटिस्ट, एआई रिसर्चर्स और टेक्निकल सपोर्ट स्टाफ के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर खुलेंगे। इससे राज्य के युवाओं को बाहर पलायन किए बिना अपने ही प्रदेश में उच्च तकनीकी नौकरियां मिलने की उम्मीद बढ़ेगी।
तकनीकी निवेश की नई लहर करेगी पैदा
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना झारखंड को डिजिटल इंडिया के नक्शे पर एक मजबूत स्थान दिलाने में मील का पत्थर साबित होगी और आने वाले वर्षों में राज्य में तकनीकी निवेश की नई लहर पैदा करेगी।