दावा किया जाता है कि 99% लोग इस स्टेशन का नाम नहीं जानते। आज हम इस रहस्य से पर्दा उठाएंगे और आपको बताएंगे कि भारतीय रेल के नक्शे पर वो सेंट्रल हब कौन सा है।
मथुरा जंक्शन, कनेक्टिविटी का असली सरताज
तकनीकी रूप से और रूट की विविधता के मामले में, मथुरा जंक्शन को भारत का सबसे महत्वपूर्ण रेलवे हब माना जाता है। यह भारत का एकमात्र ऐसा स्टेशन है जहां से 7 अलग-अलग दिशाओं में रेल लाइनें निकलती हैं।
मथुरा से आप उत्तर में दिल्ली, दक्षिण में मुंबई/चेन्नई, पश्चिम में राजस्थान और पूर्व में लखनऊ/हावड़ा जैसे हर बड़े रूट की ट्रेन पकड़ सकते हैं। यही कारण है कि इसे देश का सबसे बड़ा कनेक्टिविटी पॉइंट कहा जाता है।
हावड़ा और नई दिल्ली, आंकड़ों का खेल
अगर हम ट्रेनों की संख्या और प्लेटफॉर्म की बात करें, तो दो और नाम सामने आते हैं, भारत का सबसे पुराना और सबसे व्यस्त स्टेशन। यहाँ 23 प्लेटफॉर्म हैं। यह पूर्व भारत का प्रवेश द्वार है और यहाँ से देश के लगभग हर बड़े राज्य के लिए ट्रेनें खुलती हैं। राजधानी होने के नाते, यह स्टेशन देश के हर कोने जैसे कन्याकुमारी से लेकर डिब्रूगढ़ तक को जोड़ने वाली प्रीमियम ट्रेनों राजधानी, शताब्दी का मुख्य केंद्र है।
99% लोग क्यों हैं अनजान
ज्यादातर यात्री सिर्फ अपने गंतव्य पर ध्यान देते हैं। लोगों को लगता है कि बड़े शहरों के स्टेशन ही सब कुछ हैं, लेकिन रेलवे इंजीनियरिंग के हिसाब से मथुरा, विजयवाड़ा और इटारसी जैसे स्टेशन असली हृदय हैं। यदि आप इटारसी में खड़े हैं, तो आप उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम कॉरिडोर के बिल्कुल बीच में हैं, जहाँ से भारत के किसी भी हिस्से में जाना संभव है। विजयवाड़ा जंक्शन भी एक ऐसा स्टेशन है जहाँ से गुजरने वाली ट्रेनों के जरिए आप भारत के लगभग हर बड़े स्टेशन तक पहुँच सकते हैं।
वैसे तो भारतीय रेल का जाल इतना बुना हुआ है कि आप किसी भी बड़े जंक्शन से कनेक्टिंग ट्रेन लेकर कहीं भी जा सकते हैं, लेकिन रूट की पहुंच के मामले में मथुरा जंक्शन का कोई सानी नहीं है।