Bihar: बिहार की राजधानी पटना से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। इस मामले में अब CBI जांच की मांग तेज हो गई है, जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत सरकार को औपचारिक रूप से CBI जांच की सिफारिश भेज दी है।
कई दिनों तक चले इलाज के बाद हुई मौत
जानकारी के मुताबिक, 6 जनवरी को यह छात्रा पटना स्थित अपने हॉस्टल के कमरे में बेहोशी की हालत में पाई गई थी। उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक चले इलाज के बाद उसकी मौत हो गई। शुरुआत में पुलिस ने इस मामले को आत्महत्या या सामान्य कारणों से जोड़कर देखने की कोशिश की, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया।
पुलिस ने किया सच्चाई छिपाने का प्रयास
पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट में छात्रा के कपड़ों पर स्पर्म सैंपल मिलने की पुष्टि हुई है। इसके बाद यौन उत्पीड़न और हत्या की आशंका और गहरी हो गई है। छात्रा के परिवार का आरोप है कि शुरुआती जांच में पुलिस ने सच्चाई छिपाने और मामले को दबाने का प्रयास किया, जिससे उन्हें न्याय मिलने में देरी हुई।
डिप्टी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा
परिवार, छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन किए। बढ़ते जनदबाव के बीच राज्य सरकार ने आखिरकार केंद्र से CBI जांच कराने का फैसला लिया। बिहार के डिप्टी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए साफ कहा कि इस मामले की जांच बिना किसी पूर्वाग्रह के होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
सरकार का कहना
सरकार का कहना है कि CBI जांच के बाद इस पूरे मामले की हर पहलू से गहन जांच होगी। इसमें फॉरेंसिक सबूत, गवाहों के बयान, कॉल डिटेल्स, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की बारीकी से समीक्षा की जाएगी।
पूरे राज्य की निगाहें CBI जांच पर टिकी
अब पूरे राज्य की निगाहें CBI जांच पर टिकी हैं। सभी को उम्मीद है कि इस निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के जरिए सच सामने आएगा और पीड़ित छात्रा को न्याय मिल सकेगा।