Jharkhand Municipal Elections: झारखंड में 23 फरवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों को लेकर सियासी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है. चुनाव की तारीख नजदीक आते ही दलों के भीतर खींचतान और असंतोष खुलकर सामने आने लगा है. कई शहरों में कार्यकर्ता और दावेदार पार्टी की अनुमति के बिना ही मैदान में उतरने लगे हैं, जिससे संगठन पर दबाव बढ़ गया है.
बिना सहमति दाखिल हो रहे पर्चे
धनबाद, रांची, देवघर समेत कई नगर निकाय क्षेत्रों में प्रत्याशियों ने अपने पोस्टर लगा दिए हैं और नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. पार्टी नेतृत्व की मुहर के बिना पर्चे भरे जाने से साफ है कि इस बार मुकाबला सिर्फ दलों के बीच नहीं बल्कि दलों के भीतर भी होने वाला है.
भाजपा आज कर सकती है बड़ा ऐलान
सूत्रों के अनुसार भाजपा आज मेयर और अन्य प्रमुख पदों के लिए अपने समर्थित उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम फैसला ले सकती है. पार्टी नेतृत्व इस सूची को लेकर लगातार मंथन में जुटा है ताकि विद्रोह को रोका जा सके और मजबूत चेहरों को मैदान में उतारा जा सके.
कांग्रेस ने तय की समय सीमा
कांग्रेस ने सभी जिला अध्यक्षों से कहा है कि वे 1 फरवरी तक अपने क्षेत्रों से संभावित उम्मीदवारों की सूची भेजें. इसके बाद पार्टी स्तर पर नामों पर चर्चा कर अंतिम निर्णय लिया जाएगा. कांग्रेस नेतृत्व भी इस बार किसी तरह की अंदरूनी कलह से बचने की कोशिश में है.
राजद ने चुना अलग रास्ता
राजद ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अधिकतर जगहों पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी. पार्टी ने सहयोगी दलों जेएमएम और कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला किया है. इससे गठबंधन की एकजुटता दिखाने की कोशिश की जा रही है.
48 निकायों के लिए चुनाव कार्यक्रम जारी
राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य के 48 नगर निकायों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है. नामांकन की प्रक्रिया 29 जनवरी से शुरू हो चुकी है और 4 फरवरी तक चलेगी. इसके बाद प्रत्याशियों की तस्वीर साफ हो जाएगी.
नगर निकाय चुनाव में जिस तरह से दावेदारों की भीड़ और बगावत के संकेत दिख रहे हैं, उससे साफ है कि यह चुनाव सत्ताधारी और विपक्षी दलों दोनों के लिए आसान नहीं होगा. संगठन की पकड़ और आपसी समन्वय ही तय करेगा कि कौन सी पार्टी मैदान में बढ़त बना पाती है.