सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर बनी सहमति
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से इस संवाद की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने अपनी साझेदारी को न केवल मजबूत करने, बल्कि उसे और व्यापक बनाने की प्रतिबद्धता जताई है। बातचीत के दौरान निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
ऊर्जा सुरक्षा, वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार को देखते हुए ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना। व्यापार और निवेश, द्विपक्षीय व्यापारिक बाधाओं को दूर कर निवेश के नए अवसर तलाशना। स्वास्थ्य और कृषि, दवाओं की आपूर्ति और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु तकनीकी आदान-प्रदान। तकनीकी सहयोग, डिजिटल बुनियादी ढांचे और नवाचार में एक-दूसरे का साथ देना।
बदलते वैश्विक परिदृश्य में कूटनीतिक अहमियत
डेल्सी रोड्रिगेज ने 5 जनवरी को कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभाला था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वेनेजुएला की स्थिति को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच भारत की यह पहल उसकी स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति का प्रमाण है। यह संवाद दर्शाता है कि भारत लैटिन अमेरिकी क्षेत्र में अपने हितों की रक्षा और वैश्विक स्थिरता के लिए संवाद-आधारित कूटनीति को प्राथमिकता दे रहा है। राजनयिक विशेषज्ञ
भविष्य की राह
भारत और वेनेजुएला के बीच इस संवाद से यह स्पष्ट है कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के रिश्तों में नई गहराई आएगी। भारत का लक्ष्य अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ ग्लोबल साउथ के देशों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से लैटिन अमेरिका में भारत की सक्रियता और बढ़ेगी।