Jharkhand News: निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे को लेकर एक नया तथ्य सामने आया है. जांच के दौरान यह बात उजागर हुई है कि उनकी दो विदेश यात्राओं की जानकारी राज्य सरकार के रिकॉर्ड में मौजूद नहीं है. मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है.
विदेश दौरों की कुल संख्या पर उठा सवाल
ACB द्वारा की जा रही जांच में पहले यह सामने आया था कि विनय चौबे ने अब तक कुल 12 विदेश यात्राएं की हैं. इसके बाद एजेंसी ने राज्य सरकार से इन यात्राओं से जुड़ा आधिकारिक ब्योरा मांगा था. नियमों के अनुसार किसी भी सरकारी अधिकारी को निजी विदेश यात्रा की जानकारी भी सरकार को देना अनिवार्य होता है.
सरकार ने दी केवल 10 यात्राओं की जानकारी
राज्य सरकार की ओर से ACB को जो विवरण सौंपा गया उसमें सिर्फ 10 विदेश यात्राओं का उल्लेख किया गया. इनमें दो यात्राएं सरकारी बताई गईं जबकि आठ यात्राएं निजी बताई गईं. इस सूची के आधार पर जब जांच एजेंसी ने तुलना की तो दो यात्राएं रिकॉर्ड से गायब पाई गईं.
किन यात्राओं की नहीं थी सूचना
जांच में यह पाया गया कि वर्ष 2010 में की गई अमेरिका और हांगकांग यात्रा की जानकारी सरकार को नहीं दी गई थी. इसी तरह वर्ष 2015 में अमेरिका और जर्मनी की यात्रा भी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं थी. इन दोनों यात्राओं को लेकर सरकार के पास कोई आधिकारिक सूचना नहीं थी. ACB अब इन छुपी हुई यात्राओं से जुड़े दस्तावेजों और कारणों की पड़ताल कर रही है. एजेंसी यह भी देख रही है कि क्या इन दौरों के दौरान किसी तरह का नियम उल्लंघन हुआ है. आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
यह मामला केवल विदेश यात्राओं तक सीमित नहीं दिखता. इससे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी सवाल खड़े होते हैं. अगर जांच में लापरवाही या नियम उल्लंघन साबित होता है तो यह पूरे सिस्टम पर असर डाल सकता है.