Jamshedpur: साल 2026 की शुरुआत के साथ ही आयकर विभाग ने झारखंड में भ्रष्टाचार और टैक्स चोरी के खिलाफ अपनी पहली सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार सुबह आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा ने एक साथ रांची, जमशेदपुर और हजारीबाग समेत कई जिलों में छापेमारी की। इस कार्रवाई के केंद्र में राज्य का प्रतिष्ठित बाबा राइस मिल ग्रुप है।
प्रमुख ठिकानों पर एक साथ दबिश
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग की 15 से अधिक टीमें सुबह 6 बजे से ही सक्रिय हो गई थीं। न केवल झारखंड, बल्कि इस ग्रुप के तार पड़ोसी राज्य बिहार से भी जुड़े होने के कारण वहां भी कुछ ठिकानों पर जांच चल रही है। रांची स्थित ग्रुप के कार्यालयों और मालिकों के निजी आवासों पर सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है।
जांच के दायरे में क्या है
आयकर विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि बाबा राइस मिल ग्रुप द्वारा बड़े पैमाने पर वास्तविक आय को छिपाकर टैक्स चोरी की जा रही है। वर्तमान में विभाग की टीमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित हैं। पिछले तीन वर्षों के टर्नओवर और बैंक ट्रांजेक्शन की गहन जांच। ठिकानों पर मौजूद हार्ड कैश और अघोषित गहनों का मिलान। संदिग्ध निवेश और अचल संपत्तियों से जुड़े कागजातों की तलाशी। इन बिंदुओं पर है।
2026 की पहली बड़ी कार्रवाई
इस छापेमारी को वर्ष 2026 का अब तक का सबसे बड़ा सर्च ऑपरेशन माना जा रहा है। विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से करोड़ों की कर चोरी का खुलासा हो सकता है। फिलहाल, विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है और न ही किसी गिरफ्तारी की पुष्टि हुई है।जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, जब्त किए गए सामान और अघोषित संपत्ति के आंकड़ों के सार्वजनिक होने की उम्मीद है। इस कार्रवाई ने राज्य के व्यापारी वर्ग में खलबली मचा दी है।