Jamshedpur: बारीडीह स्थित डोंगा घाट से 26 जनवरी को एक दुखद घटना सामने आई थी, जिसमें 11 वर्षीय अंकुश कालिंदी (निवासी बिरसानगर) दोपहर करीब 2 बजे नदी में डूब गया था। घटना के पूरे 48 घंटे बीत जाने के बाद आखिरकार आज बच्चे की लाश डोंगा घाट से ही बरामद की गई।
28 घंटे तक नहीं हुई कोई कार्रवाई
स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना के 28 घंटे तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पहले दिन विधायक पूर्णिमा साहू मौके पर आईं और परिजनों तथा ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि रांची से NDRF की टीम भेजी जा रही है, लेकिन पूरे दिन और शाम तक कोई टीम नहीं पहुंची। जब परिजन और ग्रामीणों ने दोबारा संपर्क किया, तो विधायक ने कहा, “यह काम प्रशासन का है, मैं इसमें कुछ नहीं कर सकती।”
दूसरे दिन भी विधायक पहुंची परिजनों के पास
घटना के दूसरे दिन विधायक फिर से स्थल पर आईं और परिजनों के दुख में उनका साथ दिया। उसी दिन सुबह रांची से NDRF की टीम घटनास्थल पर पहुंची और 3–4 घंटे की खोजबीन के बाद बच्चे का शव बरामद किया गया।
स्थानीय लोगों का कहना
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की मौजूदगी केवल औपचारिक थी और वास्तविक बचाव अभियान में कोई ठोस प्रयास नहीं हुआ। घटना के दिन JNAC के गोताखोर स्थानीय लोगों की मदद से बुलाए गए, लेकिन संसाधन और व्यवस्था की कमी के कारण बच्चे की खोजबीन में सफलता नहीं मिल सकी।
ग्रामीणों ने उठाया सवाल
ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि अगर यह हादसा किसी VIP या मंत्री के बच्चे के साथ हुआ होता तो क्या प्रशासन इतनी सुस्त प्रतिक्रिया करता? उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी और बच्चे की जान न जाए।