Jharkhand News: गणतंत्र दिवस के अवसर पर झारखंड पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा ने झंडोत्तोलन किया. इस मौके पर उन्होंने अधिकारियों और जवानों को शुभकामनाएं दीं और राज्य को अपराध और नक्सलवाद मुक्त बनाने के संकल्प को दोहराया. डीजीपी ने कहा कि बीते वर्ष में झारखंड पुलिस ने कई मोर्चों पर ठोस और प्रभावी कार्रवाई की है.
नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई
डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2025 के दौरान नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाया गया. इस अवधि में कुल 326 नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया. इसके अलावा 38 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि 32 नक्सली मुठभेड़ों में मारे गए. उनके अनुसार यह आंकड़े नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस की मजबूत मौजूदगी और दबाव को दर्शाते हैं.
संगठित अपराध और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर शिकंजा
संगठित अपराध और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के खिलाफ एटीएस की कार्रवाई का भी जिक्र किया गया. डीजीपी ने बताया कि इस दौरान 30 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया. इनमें प्रतिबंधित संगठन हिज्ब उत तहरीर के 5 सक्रिय सदस्य भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि राज्य की सुरक्षा से जुड़ी किसी भी गतिविधि पर पुलिस की कड़ी नजर बनी हुई है.
मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान के आंकड़े
अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए गए अभियान की जानकारी देते हुए डीजीपी ने बताया कि 706 मामले दर्ज किए गए और 883 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया. इस दौरान करीब 58.77 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए. पुलिस ने इस अभियान को आने वाले समय में और सख्त बनाने की बात कही.
साइबर अपराध और प्रतिबिंब ऐप की भूमिका
साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई में 1413 मामले दर्ज किए गए और 1268 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने 38.67 करोड़ रुपये की राशि फ्रीज की और 1,48,05,518 रुपये पीड़ितों को वापस दिलाए. प्रतिबिंब ऐप के माध्यम से 140 मामलों का खुलासा किया गया. इस दौरान 1008 मोबाइल फोन और 1332 सिम कार्ड जब्त किए गए और 642 अपराधियों को जेल भेजा गया.
जन शिकायत समाधान पर जोर
डीजीपी ने कहा कि जन शिकायत समाधान कार्यक्रम के जरिए आम लोगों की समस्याओं का त्वरित निपटारा किया जा रहा है. उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मियों से संविधान के मूल्यों के प्रति पूरी निष्ठा के साथ काम करने की अपील की और झारखंड को सुरक्षित तथा समृद्ध राज्य बनाने का लक्ष्य दोहराया.
गणतंत्र दिवस पर पेश किए गए आंकड़े यह दिखाते हैं कि झारखंड पुलिस ने 2025 में नक्सलवाद, संगठित अपराध, नशा और साइबर अपराध के खिलाफ व्यापक अभियान चलाए. हालांकि इन दावों की असली परीक्षा जमीन पर स्थायी शांति और अपराध में कमी से होगी. आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि इन कार्रवाइयों का असर आम लोगों की सुरक्षा और भरोसे पर कितना मजबूत पड़ता है.