Railway News: आदित्यपुर से टाटानगर और सलगाझुड़ी केबिन तक तैयार की गई थर्ड लाइन पर फरवरी महीने से मालगाड़ियों का परिचालन शुरू होने की संभावना है. दक्षिण पूर्व रेलवे जोन ने यह जानकारी आरटीआई के माध्यम से रेलवे फैंस क्लब के एसएस स्वाईं को दी है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार थर्ड लाइन के सक्रिय होते ही हावड़ा मुंबई मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक दबाव कम होगा और यात्री ट्रेनों का परिचालन धीरे-धीरे सामान्य हो सकेगा.
चौथी लाइन परियोजनाओं पर भी आगे बढ़ रहा रेलवे
रेलवे नेटवर्क के विस्तार को लेकर खड़गपुर से झारसुगुड़ा तक 265 किलोमीटर और संतरागाछी से खड़गपुर तक 109 किलोमीटर चौथी लाइन बिछाने की योजना पर तैयारी जारी है. हालांकि बंडामुंडा से राउरकेला और बागदेही से झारसुगुड़ा के बीच चौथी लाइन परियोजना को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी है. इन परियोजनाओं को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है.
यार्ड विस्तार और ऑपरेशन सिस्टम में बदलाव
रेलवे सूत्रों के मुताबिक स्टेशन और यार्ड स्तर पर ट्रेनों की आवाजाही को सुचारु करने के लिए लाइन विस्तार के साथ साथ यार्ड विस्तार और लूप लाइन निर्माण पर भी काम हो रहा है. इसके अलावा परिचालन प्रणाली को अपग्रेड किया जा रहा है ताकि ट्रेनों के समयबद्ध संचालन का लक्ष्य हासिल किया जा सके. थर्ड लाइन शुरू होने के बाद मालगाड़ियों को अलग ट्रैक मिलने से मेन लाइन पर यात्री ट्रेनों को अधिक स्लॉट मिलने की उम्मीद है.
टाटानगर स्टेशन पुनर्विकास पर 383 करोड़ तक खर्च संभव
टाटानगर स्टेशन के पुनर्विकास और कोचिंग डिपो निर्माण को लेकर प्रस्तावित लागत 383 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है. आरटीआई में दक्षिण पूर्व रेलवे जोन ने यह भी स्पष्ट किया है कि टाटानगर में प्रस्तावित सिग्नेचर ब्रिज परियोजना रेलवे के निर्माण विभाग के अंतर्गत नहीं आती है.
लोको कॉलोनी में कोचिंग डिपो विस्तार की प्रक्रिया शुरू
टाटानगर लोको कॉलोनी क्षेत्र में कोचिंग डिपो के विस्तार को लेकर विभागीय प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. रेलवे इंजीनियरिंग विभाग ने संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर जमीन खाली करने का निर्देश दिया है. रेलवे का कहना है कि यात्री सुविधा और सुरक्षित परिचालन को ध्यान में रखते हुए स्टेशन पुनर्विकास योजना में कई नए कार्यों को शामिल किया गया है.
थर्ड लाइन के चालू होने से आदित्यपुर-टाटानगर सेक्शन को बड़ी राहत मिलने की संभावना है. यह सेक्शन लंबे समय से ट्रैफिक दबाव झेल रहा है. मालगाड़ियों के लिए अलग लाइन मिलने से यात्री ट्रेनों की समयबद्धता सुधर सकती है. वहीं चौथी लाइन और स्टेशन पुनर्विकास की योजनाएं यह संकेत देती हैं कि रेलवे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.