Jharkhand: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपने विदेश दौरे के दौरान विश्वप्रसिद्ध ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के ऑल सोल्स कॉलेज का भ्रमण किया। इस अवसर पर उन्होंने भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान दार्शनिक एवं शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को नमन किया।
डॉ. राधाकृष्णन भारत के बौद्धिक इतिहास के एक महान स्तंभ थे
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. राधाकृष्णन भारत के बौद्धिक इतिहास के एक महान स्तंभ थे, जिनका सेंट जॉन्स कॉलेज और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से गहरा और प्रतिष्ठित संबंध रहा। उन्होंने डॉ. राधाकृष्णन के उस ऐतिहासिक योगदान को स्मरण किया, जिसके तहत वर्ष 1936 में उन्हें ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में ईस्टर्न रिलिजन्स एंड एथिक्स का स्पाल्डिंग प्रोफेसर नियुक्त किया गया था।
इसी वर्ष वे ऑल सोल्स कॉलेज के फेलो भी बने और यह दायित्व उन्होंने 1952 तक निभाया। इसके पश्चात 1952 से 1975 तक वे ऑल सोल्स कॉलेज के मानद फेलो रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑक्सफोर्ड में अपने कार्यकाल के दौरान डॉ. राधाकृष्णन ने पूर्वी और पश्चिमी दर्शन परंपराओं के बीच एक सशक्त बौद्धिक सेतु का निर्माण किया, जिसके लिए उन्हें वैश्विक स्तर पर सम्मान प्राप्त हुआ। शिक्षा और दर्शन के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 1931 में ब्रिटेन के सम्राट किंग जॉर्ज पंचम द्वारा उन्हें नाइटहुड की उपाधि से सम्मानित किया गया था।
विस्तार से हुई चर्चा
इस अवसर पर ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय की मानवविज्ञान प्रोफेसर अल्पा शाह ने झारखंड प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। बैठक के दौरान झारखंड और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के बीच शैक्षणिक एवं शोध सहयोग को मजबूत करने की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
इसमें झारखंड के छात्रों के लिए नए डॉक्टोरल स्कॉलरशिप, संयुक्त शोध परियोजनाएं, फैकल्टी एक्सचेंज कार्यक्रम तथा जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, जनजातीय कल्याण और सांस्कृतिक विरासत जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं शामिल रहीं।
झारखंड सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने शिक्षा, अनुसंधान और वैश्विक शैक्षणिक साझेदारियों में निवेश के प्रति झारखंड सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य युवा शोधकर्ताओं को सशक्त बनाना और राज्य की शैक्षणिक संस्थाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप सुदृढ़ करना है।
ऑल सोल्स कॉलेज के भ्रमण के पश्चात प्रतिनिधिमंडल ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के केंद्र में स्थित ऐतिहासिक रैडक्लिफ कैमरा का भी दौरा किया। 18वीं शताब्दी में निर्मित यह प्रसिद्ध गोलाकार पुस्तकालय बोडलियन लाइब्रेरी का अहम हिस्सा है और विश्वभर में विद्या, शोध और बौद्धिक परंपरा का प्रतीक माना जाता है।
दीर्घकालिक शैक्षणिक सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
यह दौरा झारखंड और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के बीच दीर्घकालिक शैक्षणिक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। यह सहयोग साझा बौद्धिक विरासत और भविष्य उन्मुख अकादमिक सहभागिता पर आधारित है तथा यूके-इंडिया 2035 साझेदारी के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।