Jharkhand: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगलों में सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन मेघाबुरु के तहत माओवादियों के विरुद्ध अब तक की सबसे निर्णायक कार्रवाई की है। 35 घंटे तक चले इस भीषण युद्ध में सुरक्षाबलों ने प्रतिबंधित भाकपा के शीर्ष नेता अनल दा उर्फ पतिराम माझी जिस पर ₹1 करोड़ से अधिक का इनाम था समेत 17 नक्सलियों को मार गिराया है।
डीजीपी को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित कि
पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में चलाए गए ऑपरेशन मेघाबुरु में सुरक्षाबलों को मिली सफलता के बाद शनिवार को राज्य की डीजीपी तादाशा मिश्रा चाईबासा पहुंची. इस मौके पर उनके साथ आईजी अभियान साकेत कुमार, जगुआर डीआईजी इंद्रजीत महथा सहित आईपीएस अनुप बिरथरे, नाथु सिंह मीणा एवं सीआरपीएफ के वरीय अधिकारी मौजूद रहे. चाईबासा पहुंचने पर डीजीपी को गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया गया.
आपको बता दें कि सुरक्षाबलों द्वारा दो दिन चलाये गए संयुक्त अभियान में भाकपा माओवादी के शीर्ष नेता अनल दा उर्फ पतिराम माझी समेत 17 नक्सलियों को मार गिराया गया. करीब 35 घंटे तक चले इस अभियान में जिला पुलिस, सीआरपीएफ 209 बटालियन, कोबरा और जगुआर की टीमों की अहम भूमिका रही.
सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ के दौरान 14 अत्याधुनिक हथियार जिनमें एके-47 और इंसास राइफल शामिल हैं, बरामद किए हैं. पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह सारंडा क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है. बताया गया कि इसी क्षेत्र में करीब 25 वर्ष पूर्व 20 जवानों की हत्या की घटना हुई थी और इस अभियान को उस हमले का जवाब भी माना जा रहा है.
सख्त कार्रवाई
डीजीपी ने अधिकारियों व जवानों का हौसला बढ़ाया. इस दौरान कोबरा बटालियन को 4 लाख रुपए, जिला पुलिस को 1 लाख रुपए और जगुआर टीम को 1 लाख रुपए पुरस्कार देने की घोषणा की गई. मीडिया को संबोधित करते हुए डीजीपी ने कहा कि जिले में नक्सली अब अंतिम सांसें गिन रहे हैं. उन्होंने शेष बचे नक्सलियों से अपील की कि वे मुख्यधारा में लौटकर पुनर्वास नीति का लाभ उठाएं, अन्यथा सख्त कार्रवाई के लिए तैयार रहें.
सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी
इधर मुठभेड़ में मारे गए 17 नक्सलियों के शव चाईबासा सदर अस्पताल लाए गए हैं. अस्पताल परिसर में छह मेडिकल टीमों की तैनाती की गई है. सभी शवों का पोस्टमार्टम दंडाधिकारी की मौजूदगी में और वीडियोग्राफी के साथ कराया जाएगा. सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पोस्टमार्टम हाउस के आसपास बैरिकेडिंग कर आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है. पूरे इलाके में सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी जारी है.