Jharkhand News: झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड (JUVNL) ने बिजली चोरी रोकने के लिए पूरे राज्य में दो दिन तक विशेष अभियान चलाया. इस कार्रवाई में एंटी पावर थेफ्ट (APT) की 119 टीमों ने अलग-अलग जिलों और क्षेत्रों में जांच की.
अभियान के दौरान राज्यभर में कुल 8,400 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई. जांच में करीब 17.45 लाख यूनिट बिजली चोरी का पता चला, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1.18 करोड़ रुपये बताई गई है.
कार्रवाई के तहत बिजली चोरी में शामिल 1,185 उपभोक्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई है. JUVNL ने स्पष्ट किया है कि आगे भी बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी.
नागरिकों से सहयोग की अपील
JUVNL ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कहीं बिजली चोरी की जानकारी मिले, तो उसका पूरा विवरण महाप्रबंधक (APT) के मोबाइल नंबर 94311-35515 पर व्हाट्सएप या संदेश के जरिए भेजें. निगम ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी.
साथ ही, निगम ने नागरिकों से अभियान में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा है कि जनता की भागीदारी से ही बिजली चोरी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है.
जिलों में कार्रवाई का आंकड़ा
राज्य के अलग-अलग सर्किल में छापेमारी और एफआईआर की संख्या इस प्रकार रही:
• रांची: 1072 स्थानों पर छापा, 115 एफआईआर
• गुमला: 420 स्थानों पर छापा, 74 एफआईआर
• जमशेदपुर: 828 स्थानों पर छापा, 87 एफआईआर
• चाईबासा: 901 स्थानों पर छापा, 74 एफआईआर
• धनबाद: 841 स्थानों पर छापा, 61 एफआईआर
• चास: 662 स्थानों पर छापा, 86 एफआईआर
• डालटनगंज: 567 स्थानों पर छापा, 87 एफआईआर
• गढ़वा: 203 स्थानों पर छापा, 29 एफआईआर
• दुमका: 264 स्थानों पर छापा, 62 एफआईआर
• साहिबगंज: 618 स्थानों पर छापा, 103 एफआईआर
• गिरिडीह: 498 स्थानों पर छापा
• देवघर: 431 स्थानों पर छापा, 86 एफआईआर
• हजारीबाग: 560 स्थानों पर छापा, 134 एफआईआर
• रामगढ़: 397 स्थानों पर छापा, 55 एफआईआर
• कोडरमा: 239 स्थानों पर छापा, 39 एफआईआर