Jharkhand: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार के एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने दावोस में हिताची के रीजनल हेड भारत कौशल और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान दोनों पक्षों ने पावर सिस्टम, पावर ट्रांसमिशन, आधुनिक अवसंरचना और कौशल विकास के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर गहराई से चर्चा की।
हिताची के मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के दौरे का मिला आमंत्रण
हिताची के प्रतिनिधियों ने बैठक में बताया कि वर्तमान में देश की नौ मेट्रो रेल परियोजनाओं के पावर सिस्टम हिताची द्वारा प्रबंधित किए जा रहे हैं, जो कंपनी की शहरी परिवहन और ऊर्जा प्रबंधन में तकनीकी दक्षता को दर्शाता है। इसके अलावा, उन्होंने पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में विकसित अपने डिजिटल डैशबोर्ड और धनबाद में पहले से संचालित कंपनी के केंद्र का उल्लेख किया, जो झारखंड के साथ उनके लगातार जुड़ाव को दर्शाता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को हिताची के मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के दौरे के लिए औपचारिक आमंत्रण भी दिया गया।
ट्रांसमिशन परियोजनाओं में भूमि की कमी एक बड़ी चुनौती
बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि देश और झारखंड में स्थित हिताची की उत्पादन इकाइयों और अन्य जापानी कंपनियों के साथ संयुक्त बैठकों का आयोजन किया जाए, ताकि शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म परियोजनाओं पर चर्चा करके ठोस सहयोग के क्षेत्र पहचाने जा सकें। हिताची ने यह भी बताया कि पावर ट्रांसमिशन परियोजनाओं में भूमि की कमी एक बड़ी चुनौती होती है, लेकिन उनके पास ऐसी उन्नत तकनीक है, जिससे कम भूमि में प्रभावी ट्रांसमिशन संभव है। कंपनी ने इस तकनीक को झारखंड में लागू करने की इच्छा व्यक्त की, जिससे राज्य की ऊर्जा और पावर ट्रांसमिशन अवसंरचना को मजबूत किया जा सके।
बैठक में हेवी व्हीकल पहलुओं पर भी हुई चर्चा
इसके अतिरिक्त, बैठक में भारी वाहन (हेवी व्हीकल) क्षेत्र से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा हुई। इसमें राज्य में एक हाई-स्किल्ड हेवी व्हीकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने का प्रस्ताव शामिल था, जिसका उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल प्रदान कर उनकी रोजगार योग्यता बढ़ाना है।
यह बैठक महत्वपूर्ण कदम होगी साबित
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रस्तावों का स्वागत करते हुए कहा कि झारखंड सरकार ऊर्जा, अवसंरचना और कौशल विकास के क्षेत्रों में वैश्विक तकनीकी साझेदारियों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि राज्य में सतत, समावेशी और भविष्य-उन्मुख विकास को तेजी से बढ़ावा दिया जा सके। यह बैठक झारखंड में ऊर्जा सुरक्षा, आधुनिक पावर ट्रांसमिशन सिस्टम और उच्च कौशल मानव संसाधन विकास को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।