Jamshedpur News: जमशेदपुर के प्रसिद्ध उद्यमी देवांग गांधी के 24 वर्षीय बेटे कैरव गांधी के अपहरण को पांच दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक पुलिस को कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई है. मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण झारखंड पुलिस की अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने अब जांच की जिम्मेदारी अपने हाथ में ले ली है और पूरे केस की निगरानी शुरू कर दी है.
डीजीपी के आदेश पर बनी CID टीम ने स्थानीय पुलिस और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) से अब तक की जांच रिपोर्ट ली है. CID ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को और तेज करने के निर्देश दिए हैं. पुलिस का मुख्य उद्देश्य अपहरणकर्ताओं तक जल्द पहुंचना और कैरव गांधी को सुरक्षित बरामद करना है.
13 जनवरी को हुआ था अपहरण
कैरव गांधी का अपहरण 13 जनवरी को उस समय हुआ, जब वे अपने घर से कंपनी जा रहे थे. कुछ समय बाद उनकी कार NH-33 पर कांदरबेड़ा के पास लावारिस हालत में मिली. इस घटना के बाद से शहर में दहशत का माहौल है.
पुलिस के अनुसार, अपहरण के बाद जिन रास्तों से अपराधियों के गुजरने की आशंका है, वहां के टोल प्लाजा और प्रमुख चौराहों के CCTV फुटेज खंगाले गए हैं. फुटेज में दो संदिग्ध वाहन एक साथ टोल पार करते दिखे हैं, लेकिन अब तक उनसे कोई ठोस कड़ी नहीं जुड़ पाई है. इसके बावजूद पुलिस उन वाहनों की टाइमिंग और मूवमेंट की दोबारा जांच कर रही है.
फिरौती की समयसीमा खत्म, कोई नया संपर्क नहीं
जांच में यह भी सामने आया है कि अपहरणकर्ताओं ने एक इंडोनेशियाई नंबर से संपर्क कर 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी और 48 घंटे का समय दिया था. लेकिन तय समय बीत जाने के बाद न तो कोई नया कॉल आया और न ही कोई संकेत मिला है. इस चुप्पी ने परिवार और पुलिस दोनों की चिंता बढ़ा दी है.
कई राज्यों में छापेमारी, 7 टीमें सक्रिय
मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT बनाई गई है, जिसमें जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां जिले की टीमें शामिल हैं. कुल सात टीमें:
• बिहार (हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, लालगंज)
• पश्चिम बंगाल
• झारखंड के धनबाद, हजारीबाग और कोडरमा
में लगातार दबिश दे रही हैं.
इन आपराधिक गिरोहों पर शक
पुलिस की नजर कुछ कुख्यात गिरोहों पर टिकी है, जिनमें-
• चंदन सोनार गिरोह
• प्रिंस खान गिरोह (जिसके दुबई से संचालित होने की आशंका है)
• छोटू यादव गिरोह
• हाजीपुर–लालगंज गिरोह
शामिल हैं. पुलिस इनके स्थानीय संपर्कों और नेटवर्क की जांच कर रही है. कुछ रिपोर्ट्स में यह भी आशंका जताई गई है कि अपहरण में फर्जी पुलिस स्टीकर लगी स्कॉर्पियो या SUV का इस्तेमाल हुआ हो सकता है.
व्यापारियों में डर और गुस्सा
कैरव गांधी के अपहरण से जमशेदपुर के व्यापारिक समुदाय में आक्रोश और भय का माहौल है. सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने अन्य संगठनों के साथ आपात बैठक बुलाई.
चैंबर अध्यक्ष मानव केडिया ने कहा कि पूरा व्यापारिक समुदाय पीड़ित परिवार के साथ है और डर के माहौल में व्यापार करना मुश्किल हो गया है. चैंबर ने पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखा है और जल्द ही राज्यपाल से मिलने का फैसला लिया है.
राजनीतिक हलचल तेज
इस मामले पर राजनीति भी गरमा गई है.
• रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने परिवार से मुलाकात कर पुलिस को तेज कार्रवाई के निर्देश दिए.
• भाजपा ने प्रदर्शन कर सरकार पर कानून-व्यवस्था बिगड़ने का आरोप लगाया.
• जमशेदपुर ईस्ट की विधायक पूर्णिमा साहू ने पुलिस और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए.
• JDU विधायक सरयू राय ने DGP और SSP से बात कर SIT को और मजबूत करने की मांग की.
• पूर्व उपमुख्यमंत्री और आजसू प्रमुख सुदेश कुमार महतो ने परिजनों से मिलकर सांत्वना दी.
सुदेश महतो ने कहा कि जब राज्य में कारोबारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, तब मुख्यमंत्री के विदेश दौरे पर सवाल उठना स्वाभाविक है.
शहर में भय, CID से उम्मीद
पांच दिन बाद भी कोई ठोस सुराग न मिलना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. साथ ही जमशेदपुर की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. अब सभी की नजरें CID की अगली रणनीति और किसी बड़े खुलासे पर टिकी हुई हैं.