Jharkhand News: रांची के बुढ़मू थाना क्षेत्र के चांया गांव में चोरी के शक में बुलाई गई ग्रामीण बैठक के दौरान विक्की नायक नामक युवक की बेरहमी से पीट पीटकर हत्या कर दी गई. इस मामले में पुलिस ने नामजद सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इनमें से छह आरोपियों को जेल भेज दिया गया है जबकि एक आरोपी को रविवार को न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा. गिरफ्तार आरोपियों में कामेश्वर यादव ग्राम मुरगी, रामजीत महतो और विनोद उरांव ग्राम कसकोमा, सरहुल मुंडा, विजय मुंडा और सुकू नायक ग्राम चांया थाना बुढ़मू तथा बॉबी मुंडा शामिल हैं. यह कार्रवाई मृतक की मां द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर की गई है.
मां के सामने पीटकर की गई हत्या
पुलिस के अनुसार चांया गांव में मोटर पंप चोरी के आरोप को लेकर ग्रामीणों की बैठक बुलाई गई थी. इसी बैठक के दौरान विक्की नायक को उसकी मां और परिजनों के सामने बेरहमी से पीटा गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया. शनिवार सुबह शव परिजनों को सौंपा गया. शव गांव पहुंचते ही मां और परिजनों के चीत्कार से पूरा इलाका गमगीन हो गया.
जांच में और नाम आने की संभावना
बुढ़मू थाना प्रभारी नवीन शर्मा ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है. जांच के दौरान यह बात सामने आ रही है कि इस घटना में कुछ अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है. ऐसे लोगों की पहचान कर आगे विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.
राजनीतिक प्रतिक्रिया और न्याय की मांग
घटना को लेकर कांके विधायक सुरेश बैठा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि मामूली चोरी के शक में बैठक कर किसी युवक की हत्या कर देना जघन्य अपराध है और दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से कड़ी सजा दिलाई जानी चाहिए.
परिजनों से मिले भाजपा नेता
घटना की जानकारी मिलने के बाद भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष सह सिमरिया के पूर्व विधायक किशुन कुमार राम, राष्ट्रीय मंत्री सह पूर्व विधायक जीतूचरण राम, प्रदेश महामंत्री रंजन पासवान, प्रदेश मंत्री नीरज नायक, प्रदेश प्रवक्ता संदीप कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष रामप्रवेश नायक और सागर मृतक के परिजनों से मिलने पहुंचे. सभी नेताओं ने परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया और प्रशासन से मांग की कि मामले का निष्पादन स्पीडी ट्रायल के तहत किया जाए ताकि दोषियों को जल्द सजा मिल सके.
कानून व्यवस्था और सामाजिक चेतना दोनों पर गंभीर सवाल
यह घटना कानून व्यवस्था और सामाजिक चेतना दोनों पर गंभीर सवाल खड़े करती है. चोरी के शक में कानून हाथ में लेकर की गई यह हत्या बताती है कि भीड़ की मानसिकता कितनी खतरनाक हो सकती है. पुलिस द्वारा त्वरित गिरफ्तारी राहत जरूर देती है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि न्याय प्रक्रिया कितनी तेजी और सख्ती से आगे बढ़ती है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके.