Jharkhand News: रांची में आयोजित अबुआ दिशोम बजट 2026-27 को लेकर बजट पूर्व गोष्ठी में झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य की जनता के स्वास्थ्य और पोषण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही. उन्होंने कहा कि आने वाला बजट मजबूत, दूरदर्शी और जनहितकारी होना चाहिए ताकि इसका सीधा लाभ आम लोगों तक पहुंचे.
स्वास्थ्य बजट दोगुना करने की मांग
गोष्ठी में सुझाव रखते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के बजट को वर्तमान 5500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 11000 करोड़ रुपये किए जाने की मांग की. उन्होंने कहा कि बजट में पर्याप्त वृद्धि से राज्य में बेहतर अस्पतालों की स्थापना, नए मेडिकल कॉलेज, हाईटेक लैब, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक तकनीक का उपयोग तथा सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों का विकास संभव हो सकेगा. इससे झारखंड के मरीजों को आधुनिक इलाज की सुविधा राज्य के भीतर ही मिल सकेगी.
पोषण सुधार पर भी विशेष फोकस
डॉ. इरफान अंसारी ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के बजट में भी वृद्धि की आवश्यकता बताई. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से आम जनता को प्रोटीन युक्त खाद्यान्न उपलब्ध कराना जरूरी है. इसके साथ ही पाम ऑयल के स्थान पर सरसों तेल को पीडीएस में शामिल करने पर जोर दिया ताकि लोगों के पोषण स्तर में सुधार हो सके.
स्वस्थ झारखंड से समृद्ध राज्य की परिकल्पना
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि स्वस्थ झारखंड ही समृद्ध झारखंड की नींव है. सरकार का उद्देश्य केवल घोषणाएं करना नहीं बल्कि योजनाओं को धरातल पर उतारकर जनता को वास्तविक लाभ पहुंचाना है. उन्होंने विश्वास जताया कि अबुआ दिशोम बजट 2026-27 राज्य के विकास और जनकल्याण की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा.
राज्य सरकार की प्राथमिकता अब बुनियादी जरूरतों को मजबूत करना
स्वास्थ्य और पोषण को केंद्र में रखकर बजट बढ़ाने की मांग यह संकेत देती है कि राज्य सरकार की प्राथमिकता अब बुनियादी जरूरतों को मजबूत करना है. यदि प्रस्तावित बजट वृद्धि को अमल में लाया जाता है तो झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था और पोषण स्तर में ठोस बदलाव देखने को मिल सकता है.