Jharkhand Politics: रांची में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के बयानों पर प्रदेश कांग्रेस के महासचिव सह मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने तीखा पलटवार किया है. राकेश सिन्हा ने कहा कि बाबूलाल मरांडी अपने राजनीतिक दायित्वों का निर्वहन केवल प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर करना चाहते हैं. उनकी कार्यशैली लगातार प्रशासन के प्रति नकारात्मक रही है और वे दबाव बनाकर अपनी स्वार्थ पूर्ति की कोशिश करते रहे हैं.
बच्चों की बरामदगी प्रशासन की सक्रियता का नतीजा
उन्होंने कहा कि दो बच्चों की सुरक्षित बरामदगी स्वाभाविक रूप से खुशी की बात है. यह सफलता रांची प्रशासन की सक्रियता और संजीदगी का परिणाम है. प्रशासन की तत्परता के कारण ही बच्चों की जिंदगी बचाई जा सकी. राकेश सिन्हा ने उन सामाजिक संगठनों और समाचार पत्रों को भी बधाई दी जिन्होंने प्रशासन के साथ कदमताल मिलाकर इस अभियान में अहम भूमिका निभाई.
प्रदेश कांग्रेस महासचिव ने कहा कि प्रतिपक्ष के नेता यह भूल गए कि बिना प्रशासन के सहयोग और समर्थन के ऐसी सफलता संभव नहीं थी. सिर्फ प्रशासन की नकारात्मक छवि पेश करना बाबूलाल मरांडी की आदत बन गई है. इससे न केवल प्रशासन का मनोबल गिरता है बल्कि जनता के बीच गलत संदेश भी जाता है.
कानून का राज है और सबके लिए बराबर
ईडी से जुड़े मामलों पर भाजपा नेताओं के बयानों को लेकर राकेश सिन्हा ने कहा कि राज्य में कानून का राज स्थापित है और कानून सबके लिए बराबर है चाहे वह आम हो या खास. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर भाजपा को सीबीआई पर ही इतना भरोसा और विश्वास क्यों है. उनका आरोप है कि भाजपा एक बार फिर सीबीआई के जरिए राज्य सरकार को बदनाम करने की साजिश और रणनीति तैयार कर रही है.
सत्तापक्ष और प्रतिपक्ष के बीच जारी राजनीतिक टकराव
राकेश सिन्हा का बयान सत्तापक्ष और प्रतिपक्ष के बीच जारी राजनीतिक टकराव को साफ तौर पर दिखाता है. बच्चों की बरामदगी को लेकर प्रशासन की भूमिका को केंद्र में रखकर कांग्रेस ने विपक्ष पर निशाना साधा है. वहीं ईडी और सीबीआई को लेकर उठाए गए सवाल यह संकेत देते हैं कि आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो सकती है.