Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची में पिछले 13 दिनों से बना तनाव और भय का माहौल बुधवार सुबह समाप्त हो गया. सीआईडी एडीजी सह रांची जोनल आईजी मनोज कौशिक की मॉनिटरिंग और एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने धुर्वा थाना क्षेत्र से लापता मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका को रामगढ़ जिले के चितरपुर से सकुशल बरामद कर लिया.
अपहरण में शामिल दो आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने अपहरण में संलिप्त दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है. दोनों आरोपी बिहार के औरंगाबाद जिले के रहने वाले बताए गए हैं. बच्चों की तलाश में अहम जानकारी देने वालों के लिए पुलिस ने चार लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी.
डीजीपी का बड़ा बयान, नेटवर्क पर शिकंजा
झारखंड पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने सफल अभियान के लिए टीम को बधाई दी. उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को उनके साहस और तत्परता के लिए रिवॉर्ड दिया जाएगा. डीजीपी ने स्पष्ट किया कि यह मामला सिर्फ अपहरण तक सीमित नहीं है, बल्कि मानव तस्करी से जुड़े एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट की ओर इशारा करता है, जिसकी जांच अभी जारी है.
ऑपरेशन मासूम की रणनीति
एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व और सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक की विशेष निगरानी में पुलिस ने इस रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया. बच्चों की बरामदगी के बाद पुलिस मुख्यालय में खुशी का माहौल देखने को मिला.
पुलिस को ऐसे मिला अहम सुराग
2 जनवरी को शालीमार बाजार से बच्चों के लापता होने के बाद रांची पुलिस ने व्यापक स्तर पर जांच शुरू की थी. बच्चों की तस्वीरों वाले पोस्टर शहर भर में लगाए गए और सार्वजनिक वाहनों पर भी चस्पा किए गए. पुलिस अधिकारियों ने व्हाट्सएप स्टेटस के माध्यम से भी लोगों से सहयोग की अपील की. अपहरण वाले दिन बाजार में आए सैकड़ों वाहनों की जांच की गई और एक एक वाहन के पते का भौतिक सत्यापन किया गया.
परिवार के चेहरे पर लौटी मुस्कान
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बच्चों के माता पिता भी मौजूद रहे. 13 दिनों बाद अपने बच्चों को सुरक्षित देखकर उनकी आंखों में खुशी के आंसू साफ झलक रहे थे. उन्होंने पुलिस प्रशासन और सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया.
आगे भी जारी रहेगी जांच
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह के तार और किन स्थानों से जुड़े हैं. पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं.
सतर्कता और समन्वित कार्रवाई पर भरोसा मजबूत
अंश और अंशिका की सुरक्षित बरामदगी ने पुलिस की सतर्कता और समन्वित कार्रवाई पर भरोसा मजबूत किया है. यह मामला मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध की ओर इशारा करता है, जिसमें पूरे नेटवर्क को उजागर करना अब जांच एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती है.