Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची की दस प्रमुख और व्यस्त सड़कों के लिए अलग से जवाबदेही तय कर दी गई है. रांची नगर निगम की ओर से मंगलवार को समर्पित सड़क प्रबंधन के तहत दस अलग-अलग टीमों का गठन किया गया. इन टीमों का मुख्य उद्देश्य चयनित सड़कों पर यातायात को सुचारू रखना, बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त करना और नियमित निगरानी के जरिए समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित करना है.
नोडल पदाधिकारी के नेतृत्व में बहु विभागीय व्यवस्था
रांची नगर निगम के प्रशासक सुशांत गौरव के निर्देश पर पहले चरण में चिन्हित दस सड़कों की जिम्मेदारी अभियंत्रण शाखा के सहायक अभियंताओं को सौंपी गई है. इन्हें नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. नोडल अधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम में स्वच्छता, उद्यान, अतिक्रमण नियंत्रण, नगर निवेश, राजस्व, जलापूर्ति, खाद्य सुरक्षा, विज्ञापन, होर्डिंग, सार्वजनिक शौचालय और फील्ड स्टाफ से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं. सभी सड़कों की प्रगति की समीक्षा हर सप्ताह की जाएगी, ताकि कार्य की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा सके.
सड़कों की जर्जर स्थिति बनी चिंता का कारण
शहर के कई प्रमुख पहुंच पथ और लूप लाइन इस समय बदहाल स्थिति में हैं. घनी आबादी वाले इलाकों में मुख्य सड़क से मोहल्लों और कॉलोनियों को जोड़ने वाले मार्गों पर गड्ढे हैं और नालियों का पानी सड़कों पर बह रहा है. कई वार्ड क्षेत्रों में सीवरेज और ड्रेनेज कार्य के बाद सड़कों की हालत और खराब हो गई है. कई इलाकों में नालियां अब भी जमींदोज हैं, जिससे लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है.
कई इलाकों में आज भी कच्ची सड़क से मजबूरी में आवाजाही
शहर के कुछ ऐसे क्षेत्र भी हैं, जहां आज तक पक्की सड़कें नहीं बन पाई हैं. इन इलाकों में लोग कच्ची सड़कों से ही आने जाने को मजबूर हैं. बारिश के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं. फिसलन के कारण वाहनों और पैदल चलने वालों दोनों के लिए खतरा बढ़ जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इन क्षेत्रों में भी विकास और नियमित निगरानी की जरूरत है.
हर पहलू पर नियमित निगरानी की जिम्मेदारी
गठित टीमें चयनित सड़कों पर एक छोर से दूसरे छोर तक सड़क की सतह, फुटपाथ और डिवाइडर की नियमित जांच करेंगी. दरार, गड्ढे और टूट फूट की समय पर मरम्मत कराई जाएगी. बारिश के बाद विशेष निरीक्षण होगा और मुख्य सड़क से जुड़े संपर्क मार्गों को जाम मुक्त रखने पर ध्यान दिया जाएगा. नालियों की सफाई, जलजमाव वाले स्थानों की पहचान, मैनहोल ढक्कन की मरम्मत, पेयजल पाइपलाइन के रिसाव और सड़क कटिंग के बाद सही बहाली भी इसी व्यवस्था के तहत होगी.
पैदल यात्रियों और हरियाली पर भी फोकस
योजना के तहत पैदल यात्रियों के लिए समतल और बाधा मुक्त फुटपाथ, सुरक्षित क्रॉसिंग, दिव्यांगों के अनुकूल रैंप और अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी. अतिक्रमण हटाने, नो पार्किंग और नो वेंडिंग नियमों के पालन पर भी सख्ती होगी. इसके साथ ही सड़क किनारे और डिवाइडर पर पौधरोपण, नियमित देखरेख और सौंदर्यीकरण किया जाएगा. सार्वजनिक शौचालयों की सफाई और रोशनी की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा.
यातायात और सुविधाओं में सुधार
रांची की प्रमुख सड़कों के लिए अलग से प्रबंधन और जवाबदेही तय होना शहर के आधारभूत ढांचे को सुधारने की दिशा में अहम कदम है. यदि यह व्यवस्था जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो न केवल यातायात और सुविधाओं में सुधार होगा बल्कि शहर की सूरत भी बदलेगी. अब असली चुनौती नियमित निगरानी और तय मानकों को लगातार बनाए रखने की है.