Pakur: पाकुड़–बड़हरवा रेलखंड पर शनिवार देर रात एक बड़ी रेल दुर्घटना होने से बाल-बाल बच गई। असामाजिक तत्वों द्वारा रची गई साजिश को मालगाड़ी के लोको पायलट की सूझबूझ और तत्परता ने नाकाम कर दिया। यदि समय रहते ट्रेन नहीं रोकी जाती, तो एक बड़ा हादसा हो सकता था।
असामाजिक तत्वों ने की साजिश
यह घटना तिलभीटा–कुमरपुर रेलवे फाटक के पास पोल संख्या 156/12 के समीप की है। जानकारी के अनुसार कुछ शरारती तत्वों ने रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और ट्रेनों के परिचालन में बाधा डालने के उद्देश्य से डाउन लाइन की पटरी पर चार से पांच फीट लंबा भारी लोहे का टुकड़ा रख दिया था। यह लोहा रेलवे का ही बताया जा रहा है, जिसे पटरी के किनारे से उठाकर रखा गया था।
पायलट को खतरे का अंदेशा हुआ
उसी दौरान डाउन ट्रैक से एक मालगाड़ी गुजर रही थी। लोको पायलट को पटरी पर कुछ असामान्य दिखाई दिया, जिससे उसे खतरे का अंदेशा हुआ। सतर्कता दिखाते हुए उसने तुरंत ट्रेन की रफ्तार कम की और स्थिति को भांपते हुए समय रहते मालगाड़ी को रोक दिया। जांच करने पर पटरी पर रखा गया भारी लोहा दिखाई दिया। गनीमत रही कि इस घटना में मालगाड़ी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
हजारों यात्रियों की जान खतरे में हो सकती
रेलवे इंस्पेक्टर के अनुसार, मालगाड़ी के ठीक पीछे रांची वनांचल एक्सप्रेस चल रही थी, जो तिलभीटा स्टेशन पर नहीं रुकती है। यदि मालगाड़ी समय पर नहीं रुकती और एक्सप्रेस ट्रेन वहां से गुजर जाती, तो हजारों यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
रामपुरहाट एसी और एईएम की टीम मौके पर पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही देर रात रामपुरहाट एसी और एईएम की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद रविवार तड़के बर्द्धमान से डॉग स्क्वायड की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने रेलवे ट्रैक के साथ-साथ आसपास के इलाके की गहन जांच की, हालांकि अब तक किसी संदिग्ध का पता नहीं चल सका है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज
इस मामले में पीडब्ल्यूआई उज्जल कुमार के आवेदन पर रेलवे पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। रेलवे इंस्पेक्टर संजय कुमार सिंह ने बताया कि यह घटना शनिवार रात लगभग 9 से 10 बजे के बीच की है। असामाजिक तत्वों के खिलाफ कांड संख्या 18/26 दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।